मुझे अब किसी की जरूरत नही

मुझे अब किसी की जरूरत नहीं है

मुझे तेरे चरणों में जगह मिल गई है।

भटका था क्यों मैं जमाने में अब तक

मुझे इसकी सच्ची वजह मिल गई है ।।

तेरा नाम कुछ हो क्या इससे मतलब

मुझे ध्यान तेरा करने से मतलब

दुनियाँ से मुझको मतलब ही क्या है

मुझे तुझको पाने की तलब लग गई है ।।

मुझे अब किसी….

तू है पास मेरे तो सारी खुशी है

जमाने में हम ही बड़े खुशनसी हैं

कहे कुछ भी सोचे ये सारा जमाना

मुझे अब किसी से शिकायत नहीं है ।।

मुझे अब किसी….

मेरा हृदय हो चरणों में अर्पित

तेरे चरण मम हृदय में हो अंकित

तू मुझमें है या मैं तुझमें समाया

मुझे सोचने की जरूरत नहीं है ।।

मुझे अब किसी….

Posted in Bhajan.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.