तित्थयर भावणा  (तीर्थंकर भावना)

परम पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज द्वारा विरचित ग्रन्थ
तित्थयर भावणा (तीर्थंकर भावना)

(प्राकृत भाषा में सोलह कारण भावनाओं पर रचित सर्वप्रथम ग्रन्थ)

पर

पूज्य मुनि श्री की ही मंगलवाणी में वाचना स्वाध्याय

.

.

7. पासुक परिच्चागदा भावणा

(शक्तित: त्याग भावना)

.

.

वाचना (स्वाध्याय) – 19
(गाथा: 53 – 56 )

.

वाचना (स्वाध्याय) – 18
(गाथा: 49 – 52 )

.

.

6. तवो भावणा

(शक्तित: तप भावना)

.

वाचना (स्वाध्याय) – 17
(गाथा: 47 – 48 )

.

वाचना (स्वाध्याय) – 16
(गाथा: 44 – 46 )

.

वाचना (स्वाध्याय) – 15
(गाथा: 41 – 43 )

.

.

5. संवेग भावणा

(अभीक्ष्ण संवेग भावना)

.

वाचना (स्वाध्याय) – 14
(गाथा: 37 – 40 )

.

वाचना (स्वाध्याय) – 13
(गाथा: 33 – 36 )

.

.

4. णाण भावणा

(अभीक्ष्ण ज्ञानोपयोग भावना)

.

वाचना (स्वाध्याय) – 12
(गाथा: 26 – 32 )

.

.

3. णिरदियार सीलभावणा

(शील, व्रर्तों में अनतिचार भावना)

.

वाचना (स्वाध्याय) – 11
(गाथा: 24 – 25 )

.

वाचना (स्वाध्याय) – 10
(गाथा: 22 – 23 )

.

वाचना (स्वाध्याय) – 09
(गाथा: 20 – 21 )

.

.

2. विणय भावणा

(विनय सम्पन्नता भावना)

.

वाचना (स्वाध्याय) – 08
(गाथा: 16 – 19 )

.

वाचना (स्वाध्याय) – 07
(गाथा: 14 – 15 )

.

वाचना (स्वाध्याय) – 06
(गाथा: 12 – 13 )

.

वाचना (स्वाध्याय) – 05
(गाथा: 10 – 11 )

.

.

1. सम्मत्त विसोही भावणा

(दर्शन विशुद्धि भावना)

.

प्राकृत गाथा एवं हिन्दी पद्यानुवाद

.

.

.

.

वाचना (स्वाध्याय) – 04
(गाथा: 7 – 9 )

.

वाचना (स्वाध्याय) – 03
(गाथा: 5 – 6 )

.

वाचना (स्वाध्याय) – 02
(19-Jan-2022)

(गाथा: 3 – 4 )

.

वाचना (प्रवचन) – 01
(17-Jan-2022)

(गाथा: 1 – 2 )

Posted in Uncategorized.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.