श्री सिद्ध क्षेत्र कुण्डलपुर (मध्य प्रदेश) से विहार करने के बाद खजुराहो, करूंगुवा जी, सोनागिर जी, श्री महावीर जी आदि तीर्थक्षेत्रों के दर्शन करते हुए, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (संसघ) राजस्थान की राजधानी जयपुर पहुँचे और मानसरोवर, जयपुर को पूज्य मुनि श्री के पावन वर्षायोग 2024 का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ।
वर्षा ऋतु में मेघ आसमान में छा जाते हैं और समय-समय पर वर्षा करते हैं। जयपुर में प्राकृतिक वर्षा के साथ ही,अध्यात्मिक वर्षा भी खूब हुई। इस वर्षायोग में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के द्वारा ज्ञान और ध्यान की ऐसी रिमझिम वर्षा हुई कि गुलाबी नगरी की बगिया में सावन की हरियाली के साथ-साथ, बसन्त ऋतु की बहार भी आ गई और यहाँ पर भक्ति, स्तुति, कथा, आराधना, ज्ञान, ध्यान, स्वात्म साधना, स्वधर्म शिविर, अर्हं ध्यान योग, प्राकृत प्रशिक्षण, सेमिनार, विद्वत संगोष्ठी, वर्धमान स्तोत्र, श्री मुनिसुव्रतनाथ विधान, महामह नंदीश्वर विधान, पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आदि के रूप में अध्यात्मिक पुष्प खिल उठे। श्री पार्श्व कथा के साथ पूज्य मुनि श्री चातुर्मास का शुभारम्भ हुआ और पार्श्व प्रभु की भक्ति का ऐसा तीव्र साक्षात पुण्यफल, यहाँ के श्रावकों को प्राप्त हुआ कि शीघ्र ही पंचकल्याणक भी सम्पन्न हुए और पार्श्व प्रभु मानसरोवर के जिनालय में विराजित हो गए।
राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी और सामाजिक, धार्मिक, शासकीय आदि अनेक क्षेत्रों के गणमान्य और विशिष्ट जन ने भी इस चातुर्मास में पूज्य मुनि श्री के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।
पूज्य मुनि श्री ससंघ के इस ऐतिहासिक चातुर्मास की कुछ स्मृतियों को प्रस्तुत फोटो एल्बम के माध्यम से संजोया गया है…












































राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी पूज्य मुनि श्री के दर्शन करते हुए—









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