सिंगोली (मध्यप्रदेश) में 3 मई 2026 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में अर्हं ध्यान योग के विशेष सत्र का आयोजन हुआ। यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के “49 डे योगा काउंटडाउन” के अवसर पर सम्पन्न हुआ। सिंगोली सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लगभग 1500 श्रद्धालु इस आयोजन में पहुँचे। इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने अर्हं ध्यान योग के बारे में ज्ञान प्राप्त किया, पंच नमस्कार मुद्रा करना सीखा और ध्यान योग का अभ्यास किया।
5-Apr-2026
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव, सिंगोली (जिला नीमच) मध्य प्रदेश
5 मार्च 2026 को श्री महावीर जी से मंगल विहार करने के पश्चात 29 मार्च को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का सिंगोली मध्यप्रदेश में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। यहां पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में 2 अप्रैल से 7 अप्रैल 2026 तक पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का अयोजन बहुत ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पंचकल्याणक में आर्यिका श्री प्रशममति माता जी और आर्यिका श्री उपशममति माता जी का सानिध्य भी भक्तों को प्राप्त हुआ। मोक्ष कल्याणक के दिन मुख्य अतिथि माननीय लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी, साथ ही क्षेत्र सांसद माननीय श्री सुधीर गुप्ता जी, क्षेत्र विधायक माननीय श्री ओमप्रकाश सकलेचा जी, बेगू विधायक माननीय श्री सुरेश धाकड़ जी, भीलवाड़ा विधायक माननीय श्री अशोक कोठारी जी भी समारोह स्थल पर पहुंचे। सभी ने पूज्य मुनि श्री के दर्शन किए और मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
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5-Mar-2026
अतिशय तीर्थक्षेत्र श्री महावीर जी में वर्धमान स्तोत्र के रचयिता
बोलखेड़ा से 20 फरवरी 2026 को विहार करने के बाद 28 फरवरी को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का भव्य मंगल प्रवेश अतिशय तीर्थक्षेत्र श्री महावीर जी राजस्थान में हुआ। श्री वर्धमान स्तोत्र के रचयिता को साक्षात महावीर जी के अतिशकारी वर्धमान महावीर के समक्ष पाकर उपस्थित जनसमूह आनन्द और हर्ष से भर गया। पूज्य मुनि श्री के मंगल सानिध्य में 6 दिन तक वर्धमान स्तोत्र और नंदीश्वर लघु विधान के साथ प्रभुभक्ति के रंगों से पूरा तीर्थक्षेत्र अद्भुत ऊर्जा से भर गया और होली से पूर्व ही उपस्थित श्रद्धालु जिनभक्ति के रंगों से सरोवर हो गए।
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज तीर्थक्षेत्र महावीर जी राजस्थान में अतिशयकारी श्री 1008 वर्धमान महावीर भगवान के दर्शन करते हुए।
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20-Feb-2026
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव, बोलखेड़ा (राजस्थान)
अतिशय तीर्थक्षेत्र चौरासी मथुरा से पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का 9 फरवरी को मंगल विहार हुआ । 13 फरवरी को पूज्य मुनि श्री ससंघ का बोलखेड़ा राजस्थान में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। यहाँ पूज्य मुनि श्री के पावन सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव बहुत ही आनन्द और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। इस पंचकल्याणक की अद्भुत विशेषता यह रही विशाल जिनबिम्बों के विशाल जिनालय में ही यह पंचकल्याणक आयोजित हुए। विशाल जिनबिम्बों की साक्षी में हुए इस पंचकल्याणक में उपस्थित श्रद्धालुओं ने अपने विशुद्धि भावों में अभूतपूर्व वृद्धि का अनुभव किया। पूज्य मुनि श्री के लिए भी यह प्रथम अवसर था जब उनके द्वारा इतने विशाल जिनबिंबों में संस्कार रोपित करने और सूर्य मंत्र प्रदान करने की मांगलिक क्रिया सम्पन्न की गई।
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8-Feb-2026
छात्रावास रजत जयंती समारोह (मथुरा)
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में श्रमण ज्ञान भारती छात्रावास मथुरा का दो दिवसीय (7-8 फरवरी) रजत जयंती महोत्सव उत्साह, उमंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह में छात्रावास की स्थापना से लेकर अभी तक के (25 वर्ष पूर्व तक के) सभी छात्र सम्मलित हुए। ऐसा लग रहा था वर्तमान और पूर्व छात्रों का जैसे कुंभ ही मथुरा चौरासी में लग गया हो। दो दिवसीय इस समारोह में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ और सभी छात्रों ने पूज्य मुनि श्री से भविष्य के लिए मार्गदर्शन और मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
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1-Feb-2026
पूज्य मुनि श्री का 29 वां दीक्षा दिवस महोत्सव
21 जनवरी को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का चंद्रलोक दिल्ली से मंगल विहार हुआ। 1 फरवरी को पूज्य मुनि श्री ससंघ का अतिशय क्षेत्र मथुरा चौरासी में भव्य मंगल प्रवेश हुआ । 1 फरवरी को पूज्य मुनि श्री का 29 वां दीक्षा दिवस सभी गुरुभक्तों और श्रद्धालुओं ने बहुत ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर प्रस्तुत नाटिका अतीत की रेखाएं ने सबका मन मोह लिया। अपने उद्बोधन में पूज्य मुनि श्री ने अपने गुरू महाराज को बार बार स्मरण किया और दीक्षा और गुरु उपकार के महत्व को समझाया।
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21-Jan-2026
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव चन्द्रलोक (दिल्ली)
बड़ागाँव से 9 जनवरी को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का मंगल विहार हुआ। दिल्ली की अनेक कॉलोनियों को मंगल सानिध्य का लाभ देते हुए, 14 जनवरी को पूज्य मुनि श्री का भव्य मंगल प्रवेश चन्द्रलोक शाहदरा में हुआ । पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में यहाँ 16 से 21 जनवरी तक अतिभव्य पंचकल्याणक महोत्सव सम्पन्न हुआ। यह पंचकल्याणक महोत्सव अनेक खूबियों को लिए हुए एक विशिष्ट और स्मरणीय पंचकल्याणक रहा। Security Management, Time Management, Crowd Management, भोजन व्यवस्था, बोलियों और टाइम का समन्वय, आदि अनेक दृष्टियों से यह पंचकल्याणक महोत्सव आदर्श और बहुत ही सराहनीय रहा।
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19-Jan-2026
भव्य ऐलक दीक्षा महोत्सव
चंद्रलोक (शाहदरा) दिल्ली के पंचकल्याणक में तप कल्याणक के दिन कुछ ऐसा सुन्दर नजारा घटित हुआ जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी । भगवान के वैराग्य और दीक्षा को देखने के साथ ही ऐलक दीक्षा देखने का शुभ अवसर भी उपस्थित जनसमूह को प्राप्त हुआ। पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज द्वारा क्षुल्लक श्री अनुनय सागर जी और 4 ब्रह्मचारी भैया जी को ऐलक दीक्षा प्रदान की गई। बाल ब्रह्मचारी- संयम भैया (गाजियाबाद), आगम भैया (मुजफ्फरनगर), शलभ भैया (रुड़की), और सजल भैया (जबलपुर) को दीक्षा के बाद नए नाम मिले – क्रमश: ऐलक श्री अनुरूप सागर जी महाराज, ऐलक श्री अनुगम सागर जी महाराज, ऐलक श्री अनुसंग सागर जी महाराज और ऐलक श्री अनुकर्ष सागर जी महाराज।
17-Jan-2026
अविवाहित बालक बालिका संस्कार विधि समारोह
चन्द्रलोक शाहदरा में 17 जनवरी 2026 को पंचकल्याणक के दूसरे दिन पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में 30 वर्ष से कम उम्र के अविवाहित बालक बालिकाओं के लिए संस्कार विधि समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें दूर दूर से बड़ी संख्या में युवा और बालक पहुँचे और सभी ने पूज्य मुनि श्री से अपने आगामी जीवन के लिए संस्कार और मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
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8-Jan-2026
24 जिनालयों का शिलान्यास (बड़ागाँव)
1 जनवरी को सामायिक के उपरान्त पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का वहलना से मंगल विहार हुआ। खतौली, सरधना, अमीनगरसराय होते हुए पूज्य मुनि श्री 6 जनवरी को अर्हं विद्या तीर्थं बड़ागाँव पहुँचे। 8 जनवरी को यहाँ पर पूज्य मुनि श्री के मंगल सानिध्य में एक साथ 24 जिनालयों का भव्य शिलान्यास सम्पन्न हुआ।
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1-Jan-2026
नव वर्ष आयोजन अतिशय तीर्थ क्षेत्र वहलना जी
मुजफ्फरनगर से विहार करके 31 दिसम्बर 2025 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का मंगल आगमन अतिशय तीर्थक्षेत्र वहलना जी में हुआ। यहाँ पर नव वर्ष के अवसर श्री वर्धमान स्तोत्र विधान का आयोजन किया गया। दूर दूर से आए गुरु भक्तों ने नववर्ष पर पूज्य मुनि श्री का मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया और नए वर्ष की मंगलमय शुरुआत की।
एक माह में तीन तीन पंचकल्याणक पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) के सानिध्य में वर्ष 2025 में दो, तीन, चार नहीं अपितु 9 पंचकल्याणक महोत्सव सम्पन्न हुए और इससे भी ज्यादा रोचक बात ये रही 1 माह की अवधि में एक नहीं अपितु तीन तीन पंचकल्याणक पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में आयोजित हुए। 30 जनवरी से 21 फरवरी 2025 तक तीन (जयपुर में 2 पंचकल्याणक, फुलेरा पंचकल्याणक,) 18 अप्रैल से 11 मई तक तीन पंचकल्याणक (रोहतक, बहादुरगढ़ और गाजियाबाद) दिल्ली चातुर्मास के बाद 9 नवम्बर से 11 दिसम्बर तक तीन पंचकल्याणक (बड़ागांव, रुड़की, सहारनपुर) सम्पन्न हुए।
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31-Dec-2025
पूज्य मुनि श्री का मुजफ्फरनगर प्रवास
सहारनपुर से 19 दिसम्बर को विहार करते हुए पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 22 दिसम्बर को भव्य मंगल प्रवेश हुआ। 5 वर्ष पश्चात पूज्य मुनि श्री को अपने बीच पाकर भक्तजन उत्साह और आनन्द से भर गए। यहाँ प्रेमपुरी, सुरेन्द्र नगर, मुनीम कॉलोनी, नई मंडी, जैन मिलन विहार के श्रावको को पूज्य मुनि श्री का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ।
पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में संत भवन का शिलान्यास, चौबीसी मानस्तम्भ आधारशिला स्थापना, वर्धमान स्तोत्र विधान, कल्याण मन्दिर स्तुति दीप अर्चना, करणानुयोग प्रवेशिका स्वाध्याय शिविर आदि कार्यक्रम सम्पन्न हुए। इस तरह लघु अवधि में ही मुजफ्फरनगर के श्रावकों को अनेक लाभ प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। 31 दिसम्बर को पूज्य मुनि श्री का तीर्थ क्षेत्र वहलना जी के लिए मंगल विहार हुआ।
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17-Dec-2025
प्राकृत प्रशिक्षण शिविर एवं दीक्षांत समारोह
सहारनपुर के बड़तला यादगार में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) के सानिध्य में पंचम प्राकृत प्रशिक्षण शिविर और सप्तम दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। शिविर में जहाँ एक ओर प्राकृत टीम ने पूज्य मुनि श्री से प्राकृत गाथाओं का ज्ञान प्राप्त करके अपने ज्ञान का विस्तार किया, वहीं दूसरी ओर सुन्दर प्रस्तुति के माध्यम से वर्तमान समय में प्राकृत भाषा की उपयोगिता और महत्व के बारे में उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया।
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11-Dec-2025
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव, सहारनपुर
6 दिसम्बर 2025 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का उत्तरप्रदेश के सहारनपुर नगर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। पूज्य मुनि श्री का प्रथम बार सहारनपुर में आगमन हुआ और यहाँ उसी दिन से (6 दिसम्बर से 11 दिसम्बर तक) पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में ज्ञान और भक्ति की तरंगों के साथ पंचकल्याणक महामहोत्सव का आयोजन सानन्द सम्पन्न हुआ । अपने नगर में प्रथम बार पूज्य मुनि श्री का दर्शन, सानिध्य और पंचकल्याणक का सौभाग्य प्राप्त करके सहारनपुर के श्रावकजन धन्य हो गए।
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का 23 नवम्बर को रुड़की (उत्तराखंड) में भव्य मंगल प्रवेश हुआ । लम्बे समय से रुड़की जैन समाज जिस शुभ अवसर की प्रतीक्षा कर रहा था, वह मंगल अवसर आया और यहाँ पूज्य मुनि श्री के पावन सानिध्य में 29 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन हुआ। पूर्व समय में रूड़की समाज को गंगनहर से प्राप्त हुई , 200 वर्ष प्राचीन श्री 1008 चंद्रप्रभु भगवान और श्री 1008 पार्श्वनाथ भगवान की अतिशयकारी प्रतिमा को प्राचीन जिनालय के जीर्णोद्धार के बाद नवीन वेदियों पर विराजित किया गया। जीर्णोद्धार के बाद नवीन हुए इस जिनालय के अतिशय को अनुभव करके, पूज्य मुनि श्री द्वारा इस जिनालय को चन्द्रोदय अतिशय क्षेत्र नाम दिया गया जिसे सुनकर रुड़की समाज हर्ष और प्रसन्नता से भर गया।
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14-Nov-2025
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव, बड़ागांव
बड़ागांव (बागपत) उत्तर प्रदेश में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) के सानिध्य में 9 Nov से 14 Nov 2025 तक पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव का आयोजन हुआ। इस अवसर पर अर्ह विद्या तीर्थं का शिलान्यास भी यहाँ की पावन धरा पर सम्पन्न हुआ।
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6-Nov-2025
पूज्य मुनि श्री का दिल्ली से हुआ मंगल विहार
पूज्य मुनि श्री का 6 Nov 2025 को दिल्ली से बड़ागांव के लिए विहार हुआ। दिल्ली के श्रावकों को चातुर्मास के साथ 23 जून से 6 Nov तक (4 माह 14 दिन तक) पूज्य मुनि श्री का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ।
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26-Oct-2025
पिच्छिका परिवर्तन समारोह
26 Oct 2025 को दिल्ली के डॉ. भीमराव अंबेडकर इंटरनेशनल सेन्टर ( कनॉट प्लेस) में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का पिच्छिका परिवर्तन समारोह हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री द्वारा रचित अनेक पुस्तकों का विमोचन भी हुआ। पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज की पिच्छिका प्राप्त करने का परम सौभाग्य जागृति एनक्लेव, दिल्ली निवासी व्रती श्राविका श्रीमती अंशु जैन और श्री विकास जैन को प्राप्त हुआ। पूज्य मुनि श्री विश्वाक्ष सागर जी महाराज की पिच्छिका प्राप्त करने का परम सौभाग्य रोहिणी, दिल्ली निवासी श्री सोनू जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
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7-Oct-2025
आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महामुनिराज का अवतरण दिवस
7 Oct 2025 को शरद पूर्णिमा का शुभ दिवस आया। इस शुभ दिन आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महामुनिराज के रूप में ऐसा पावन चाँद धरती पर अवतरित हुआ था जिसकी आभा और प्रकाश से सम्पूर्ण आध्यात्मिक जगत सदा के लिए आलोकित हो गया। आचार्य भगवन के अवतरण दिवस के पावन अवसर पर दिल्ली के जापानी पार्क (रोहिणी) में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में विशेष गुणानुवाद सभा और मंगल पूजन का आयोजन किया गया। अपने उद्बोधन में पूज्य मुनि श्री ने अपने गुरु महाराज को याद करते हुए, उनकी शिक्षाओं को जीवन में उतारने और उनके आशीर्वाद से चल रहे प्रकल्पों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा उपस्थित जनसमुदाय को प्रदान की।
28-Sep-2025
पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में राजघाट पर अर्हं ध्यान योग का सत्र
राजधानी दिल्ली में राजघाट के बिरसा मुंडा पार्क में पूज्य मुनि श्री के पावन सानिध्य में अर्हं ध्यान योग के एक विशेष सत्र का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में 1000 से अधिक योगसाधकों और अर्हं अन्तरप्पाओं ने भाग लिया।
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14-Sep-2025
तृतीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में लाल मन्दिर चाँदनी चौक में दो दिवसीय (13- 14 Sep) तृतीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। संगोष्ठी का विषय था- जैन धर्म संस्कृति कला व स्थापत्य। दूर दूर से आए विद्वानों ने इस विषय पर अपने विचार व्यक्त किए और चिन्तन, मन्थन किया । इसके साथ ही भविष्य में अनेक विषयों पर रिसर्च के लिए पूज्य मुनि श्री से अमूल्य मार्गदर्शन और आशीर्वाद भी उन्होंने प्राप्त किया।
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11-Sep-2025
आर्यिका रत्न श्री पूर्णमति माता जी ने किए पूज्य मुनि श्री के दर्शन
सूर्य नगर गाजियाबाद से शक्ति नगर दिल्ली के लिए विहार करते हुए आर्यिका रत्न श्री पूर्णमति माता जी (ससंघ) 11 Sep को दिगम्बर जैन लाल मन्दिर चाँदनी चौक पहुँची और पूज्य मुनि श्री के दर्शन और वन्दना की। कुछ समय चर्चा के पश्चात आर्यिका श्री ने शक्ति नगर के लिए विहार किया।
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अर्हं स्वधर्म शिविर (28 अगस्त से 6 सितम्बर 2025)
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज केपावन सानिध्य में लाल किला दिल्ली में अर्ह स्वधर्म शिविर (2025) बहुत ही आनन्द, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। शिविर में बड़ी संख्या में शिविरार्थियों ने भाग लेकर तप, साधना और स्वाध्याय करते हुए दसलक्षण धर्म के 10 धर्मों को अपने जीवन में अंगीकार करने का अभ्यास किया। इसके साथ दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी, लोकसभा अध्यक्ष माननीय श्री ओम बिरला जी, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष माननीय श्री विजेन्द्र गुप्ता जी, माननीय सांसद श्री हर्ष मल्होत्रा जी ने भी इस अवसर उपस्थित होकर पूज्य मुनि श्री के दर्शन किए और मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
3-Aug-2025
राष्ट्रीय प्राकृत पाण्डुलिपि कार्यशाला का आयोजन
हमारी प्राचीन संस्कृति और अमूल्य धरोहर को संभालना और भविष्य में सदा के लिए सुरक्षित करना भी हमारा महत्वपूर्ण कर्तव्य है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, प्राकृत टीम द्वारा पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के आशीर्वाद और मंगल सानिध्य में,वीर सेवा मन्दिर दिल्ली में 1 से 3 अगस्त 2025 तक त्रिदिवसीय राष्ट्रीय प्राकृत पाण्डुलिपि कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में पाण्डुलिपि संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत अनुभवी विद्वानों द्वारा दूर दूर से आए प्रशिक्षुओं को अनेक माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके साथ ही पूज्य मुनि श्री के मंगलमयी वचनों से कार्यशाला में सम्मिलित सभी प्रतिभागियों को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली और अमूल्य मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ।
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31-July-2025
जैन बाल आश्रम में सम्मेद शिखर जी की रचना
श्रावण मास आया और इसी माह में आया श्री 1008 पार्श्व प्रभु का निर्वाण कल्याणक पर्व या कहें मुकुट सप्तमी पर्व । इसी पर्व के अवसर पर दरियागंज (दिल्ली) में स्थित बाल आश्रम में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के आशीर्वाद से अद्भुत, दिव्य, मनोहारी सम्मेद शिखर जी की रचना का निर्माण हुआ। इस रचना को देखकर भक्त उत्साह और हर्ष से भर गए। पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में बड़ी संख्या में भक्तों ने पार्श्व प्रभु की भक्ति में झूमते हुए निर्वाण लाडू समर्पित किए। प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालु इस दिव्य रचना के माध्यम से सम्मेद शिखर जी की वन्दना कर अपने को धन्य कर रहे हैं।
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चातुर्मास मंगल कलश स्थापना (20 जुलाई 2025)
अतिशय क्षेत्र लाल मन्दिर में भव्य मंगल प्रवेश के पश्चात समय आया पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) के चातुर्मास कलश स्थापना का। यह समारोह कुछ विशिष्ट विशेषताओं के साथ दिव्य और भव्य बन गया। कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में हुआ। Indoor games के लिए प्रसिद्ध तालकटोरा स्टेडियम मे भक्ति, संगीत, नृत्य, नाटिका, श्रद्धा, समर्पण, संयम, त्याग, गुरु वाणी और अध्यात्म की ऐसी ताल निकली कि भारी जनसमूह से भरा स्टेडियम अध्यात्मिक और पॉजिटिव एनर्जी से भर गया। समारोह की मुख्य अतिथि माननीय सांसद बांसुरी स्वराज जी थीं। इस समारोह की अनूठी और अभूतपूर्व विशेषता ये भी रही कि प्रथम कलश स्थापना का सौभाग्य धन की नहीं अपितु संयम की बोली लेकर 2 प्रतिमा के व्रत लेने वाले श्रावक श्रेष्ठी को प्राप्त हुआ।
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11-July-2025
चातुर्मास हेतु अतिशय क्षेत्र लाल मन्दिर दिल्ली में भव्य मंगल प्रवेश
इस बार पूज्य मुनि श्री का चातुर्मास कहाँ होगा, यह विषय सभी के लिए बहुत ही जिज्ञासा भरा रहा। नोएडा, गुरुग्राम और बलबीर नगर का समाज चातुर्मास के लिए आस लगाए बैठे थे पर पूज्य मुनि श्री का चातुर्मास कराने का परम सौभाग्य दिल्ली के दिल कहे जाने वाले क्षेत्र चांदनी चौक में स्थित, अतिशय क्षेत्र दिगम्बर जैन लाल मन्दिर को प्राप्त हुआ। 11 जुलाई 2025 को सुन्दर और सराहनीय शोभा यात्रा के साथ पूज्य मुनि श्री का यहाँ भव्य मंगल प्रवेश हुआ और नियम, संकल्पों की बोली के साथ एक नए रूप में आध्यात्मिक चातुर्मास का शुभारम्भ हुआ।
10-July-2025
नन्दीश्वर महामह विधान का आयोजन
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और नोएडा शहर में प्रवास के पश्चात पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का मंगल आगमन 28 जून 2025 को दिल्ली के बलबीर नगर में हुआ । यहाँ 10 जुलाई (13 दिन) तक पूज्य मुनि श्री का प्रवास रहा । इस अवधि में 5616 जिनबिम्बों के साक्षात दर्शन के साथ पूज्य मुनि द्वारा रचित नंदीश्वर महामह विधान का भव्य आयोजन हुआ। इसके साथ ही पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा पर्व मनाने का सौभाग्य भी यहाँ के श्रावकों को प्राप्त हुआ।
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21-June-2025
योग संगम (अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस) का आयोजन
21 जून को 2025 को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, नोएडा के शिवालिक पार्क में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में योग संगम (अर्ह ध्यान योग) का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं और योगप्रेमियों में गजब का उत्साह देखने को मिला । नोएडा ही नहीं, दूर दूर से मेरठ, मुज्जफरनगर, दिल्ली, खतौली, गुरुग्राम आदि स्थानों से, भारी संख्या में जनसमुदाय इस कार्यक्रम में उपस्थित हुआ। कुछ ऐसे लोग भी पहुँचे जिन्होंने प्रथम बार अर्हं ध्यान योग का अभ्यास किया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में उपस्थित जनसमुदाय ने ध्यान योग के माध्यम से आनन्द, उत्साह, आत्मिक ऊर्जा और मानसिक शान्ति का अनुभव किया। आयोजन में भाग लेकर सभी का मन प्रसन्नता से भर गया।
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20-June-2025
पूज्य मुनि श्री का नोएडा प्रवास
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का 28 मई 2025 को सेक्टर- 50 नोएडा में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। जिस घड़ी की प्रतीक्षा, पिछले 8 साल से नोएडा के श्रावक कर रहे थे वो शुभ मंगल घड़ी आई। पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में नोएडा सेक्टर 50 का श्री 1008 पार्श्वनाथ भगवान जिनालय किसी तीर्थक्षेत्र जैसा ही प्रतीत हो रहा था, ऐसी अध्यात्मिक ऊर्जा, वातावरण और श्रद्धालुओं का मेला वहाँ पर जुड़ा रहा।
चातुर्मास की आस लगाए बैठे नोएडा के श्रावकों को चातुर्मास का लाभ तो नहीं मिल पाया पर 28 मई से 20 जून तक (24 दिन) पूज्य मुनि श्री का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। इस अवधि में अर्हं स्वाध्याय शिविर, अर्हं अन्तरप्पा शिविर, अर्हं स्वात्म साधना शिविर का आयोजन भी वहाँ पर हुआ। इसके साथ ही पूज्य मुनि श्री के मुख से नई छहढाला पर जो प्रवचन हुए वो ऐसे अद्भुत, अनूठे रहे कि उन्हें श्रवण करके श्रावकों के ज्ञान चक्षु खुल गए, मन के भ्रम दूर हुए, ज्ञान का सही दिशा में विस्तार हुआ, गलतियों का अहसास हुआ, जागरूकता का स्तर बढ़ा और प्रतिदिन नया ज्ञान पाकर श्रावकजन धन्य हो गए। इन अनूठे प्रवचनों के कारण नई छहढाला और पूज्य मुनि श्री के नोएडा प्रवास का रिश्ता भी सदा के लिए स्मरणीय हो गया।
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15-June-2025
नोएडा में योग महाकुम्भ का आयोजन
नोएडा में अर्हं टीम द्वारा 15 जून से 20 जून तक योग महाकुम्भ का आयोजन हुआ। इस श्रृंखला में अर्हं ध्यान योग टीम के सदस्यों द्वारा नोएडा में अनेक स्थानों पर ध्यान और योग कराया गया। योग महाकुम्भ का उद्घाटन पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में जैन मन्दिर के सामने हुआ। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचे और आयोजन में भाग लेकर अर्हं ध्यान योग का अभ्यास किया।
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31-May-2025
नोएडा में श्रुतपंचमी पर्व का उत्सव
31 मई 2025 को नोएडा में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में श्रुतपंचमी पर्व का आयोजन हुआ। प्राकृत टीम की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। छोटे बच्चों और प्राकृत टीम के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत नाटिकाओं और संवाद प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमुदाय को जहाँ एक ओर उत्साह से भर दिया,वहीं दूसरी और उनके ज्ञान में भी वृद्धि की। विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम सेप्राकृत भाषा के महत्व को जन जन तक पहुँचाने के प्राकृत टीम के प्रयास को सभी ने खूब सराहा।
26-May-2025
पूज्य मुनि श्री का कविनगर (गाजियाबाद) प्रवास
कविनगर गाजियाबाद के श्रावकों को 16 मई से 26 मई 2025 तक पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ। इस अवधि में पूज्य मुनि श्री द्वारा रचित अनेक विधानों का आयोजन कविनगर में हुआ। पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में रामलीला मैदान में अर्हं ध्यान योग का आयोजन भी हुआ। भारी वर्षा और मौसम की प्रतिकूलता के बाबजूद भी बड़ी संख्या में लोग रामलीला मैदान पहुँचे और अर्हं ध्यान योग के विशेष सत्र में भाग लिया।
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16-May-2025
अर्हं विद्या शोध संस्थान की स्थापना
15-May-2025
पंचकल्याणक महामहोत्सव गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) के मंगल सानिध्य में आदित्य वर्ल्ड सिटी, गाजियाबाद में 10 मई से 15 मई 2025 तक भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव संपन्न हुआ। आदित्य वर्ड सिटी में श्वेत पाषाण द्वारा निर्मित दिव्य मनोहर जिनालय का निर्माण हुआ है। यह भारत का ऐसा प्रथम जिनालय है जिसके शिखर पर 108 ध्वज पताकाएँ सुशोभित होंगी।
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8 मई 2025 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में गाजियाबाद के वसुन्धरा क्षेत्र में अपना अर्हं Centres का Global Launch सम्पन्न हुआ।
4-May-2025
अर्हं विद्या निलय (रोहिणी) में पूज्य मुनि श्री का मंगल आगमन
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का चार वर्ष पश्चात पुन: अर्हं विद्या निलय (रोहिणी) में मंगल आगमन हुआ। पूज्य मुनि श्री के मंगल सानिध्य में यहाँ पर श्री संत शिरोमणि आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महाराज के पावन चरणों की पुन: स्थापना की गई। इसके साथ ही अर्हं ध्यान योग अनुभूति केंद्र का लोकार्पण, पूज्य मुनि श्री द्वारा रचित ग्रंथों की Library अक्षरायण एवं श्री वर्धमान स्तोत्र फोटो गैलरी का उद्घाटन भी किया गया।
3-May-2025
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का 3 मई 2025 को बहादुरगढ़, हरियाणा से हुआ मंगल विहार।
पंचकल्याणक महामहोत्सव बहादुरगढ़ (हरियाणा)
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के आशीर्वाद से बहादुरगढ़ (हरियाणा) में पाषाण निर्मित भव्य मनोहर जिनालय का निर्माण हुआ । इस भव्य जिनालय को देखकर सभी का मन प्रफुल्लित हो जाता है। 7 वर्ष पूर्व पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में ही इस जिनालय का शिलान्यास कार्यक्रम सम्पन्न हुआ था।। पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) के सानिध्य में ही 28 अप्रैल से 3 मई 2025 तक इसी भव्य जिनालय का श्री 1008 श्रीमज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब प्रतिष्ठा पंचकल्याणक महोत्सव उत्साह और आनन्द के साथ सम्पन्न हुआ।
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27-Apr-2025
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का 27 अप्रैल 2025 को पंचकल्याणक हेतु बहादुरगढ़, हरियाणा में हुआ भव्य मंगल प्रवेश।
25-Apr-2025
रोहतक में पंचकल्याणक महामहोत्सव का आयोजन
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का 2018 के पश्चात, अप्रैल 2025 में रोहतक (हरियाणा ) में मंगल आगमन हुआ। पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में रोहतक में 18 अप्रैल से 24 अप्रैल तक भव्य पंचकल्याणक महामहोत्सव बहुत ही आनन्द और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। जिनालय में ओम और अर्हं की वेदी पर जिनबिम्ब विराजित करने का सौभाग्य भी रोहतक के श्रावकों को इस पंचकल्याणक के माध्यम से प्राप्त हुआ।
25 अप्रैल 2024 को पूज्य मुनि श्री (ससंघ) का रोहतक से हुआ मंगल विहार
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16-Apr-2025
अहिंसा स्थल, दिल्ली से विहार के पश्चात पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का 16 अप्रैल 2025 को रोहतक, हरियाणा में हुआ भव्य मंगल प्रवेश।
10-Apr-2025
महामस्तकाभिषेक महोत्सव का आयोजन
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) के पावन सानिध्य में अहिंसा स्थल दिल्ली में भगवान महावीर जन्मकल्याणक के अवसर पर महामस्तकाभिषेक महोत्सव का आयोजन हुआ। अहिंसा स्थल की हरियाली, ऊंचाई पर स्थित श्री वर्धमान महावीर भगवान की विशालकाय मनोहारी, मनोज्ञ प्रतिमा और जब केसरिया रंग के वस्त्रों में श्रावको ने भगवान का महामस्तकाभिषेक प्रारम्भ किया तो लगा जैसे आज साक्षात देव ही धरती पर उतरकर भगवान का अभिषेक कर रहे हैं। इस दिव्य, भव्य, अनुपम दृश्य ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर और प्रफुल्लित कर दिया। 24 वर्ष बाद दिल्लीवासियों को अहिंसा स्थल पर महामस्तकाभिषेक करने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ।
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7-Apr-2025
कुतुबमीनार परिसर में अर्हं ध्यान योग का आयोजन
लालकिला (दिल्ली), ताजमहल, खजुराहो, झाँसी आदि ऐतिहासिक स्थलों पर अर्हं ध्यान योग का आयोजन होने के पश्चात, दिल्ली में कुतुबमीनार परिसर में भी 7 अप्रैल 2025 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सगर जी महाराज के पावन सानिध्य में अर्हं ध्यान योग के विशेष सत्र का आयोजन हुआ।
6-Apr-2025
6 अप्रैल 2025 को अहिंसा स्थल, नई दिल्ली में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का हुआ भव्य मंगल प्रवेश।
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5-Apr-2025
पूज्य मुनि श्री का गुरुग्राम (हरियाणा) प्रवास
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) के अहिंसा स्थल, दिल्ली के लिए विहार के समय मार्ग में गुरुग्राम भी आया और यहाँ के श्रावकजन का परम सौभाग्य रहा कि उन्हे 10 दिन तक पूज्य मुनि श्री का मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ। इस अवधि में गुरुग्राम के बादशाहपुर क्षेत्र में दिल्ली एनसीआर के प्रथम पाषाण जिनालय का भव्य शिलान्यास हुआ, वहीं दूसरी ओर सेक्टर 49 में दिल्ली एनसीआर के प्रथम अर्हं ध्यान अनुभव केंद्र का उद्घाटन भी पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। इसके अतिरिक्त श्री वर्धमान स्तोत्र विधान, श्री मुनिसुव्रतनाथ विधान, Arahm Corporate Retreat, Arham Youth Workshop आदि कार्यक्रमों का भी यहाँ आयोजन हुआ। इस प्रकार अनेक प्रकार का लाभ और आशीर्वाद गुरुग्राम के श्रावकों को इस दस दिवसीय अवधि में प्राप्त हुआ।
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26-Mar-2025
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का रेवाड़ी से धारुहेड़ा, अष्टापद तीर्थ, कासन, सिद्धान्त तीर्थ क्षेत्र शिकोहपुर होते हुए 26 मार्च को गुरुग्राम (हरियाणा) में भव्य मंगल प्रवेश हुआ।
23-Mar-2025
पूज्य मुनि श्री का रेवाड़ी (हरियाणा) से हुआ मंगल विहार
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज का 23 मार्च को रेवाड़ी (हरियाणा) से मंगल विहार हुआ। रेवाड़ी समाज को 7 दिन तक पूज्य मुनि श्री के सानिध्य को प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस लघु प्रवास की अवधि में प्राकृत शिविर का आयोजन हुआ। पूज्य मुनि श्री ने अपने पावन चरणों से अकलंक शरणालय को धन्य किया। बच्चों के साथ साथ ही, शिक्षकों और समस्त रेवाड़ी समाज को अनेक प्रकार से मार्गदर्शन, प्रेरणा और आशीर्वाद प्रदान किया। पूज्य मुनि श्री ने रेवाड़ी में स्थित जिनालयों के दर्शन किए और आगम प्रकाशन का अवलोकन भी किया।
21-Mar-2025
प्राकृत शिविर एवं दीक्षान्त समारोह का आयोजन
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर महाराज के 2017 में हुए रेवाड़ी चातुर्मास के पश्चात से ही प्राकृत भाषा और रेवाड़ी नगर का अटूट सम्बन्ध जुड़ गया। जहाँ एक ओर रेवाड़ी में प्राकृत भाषा के प्रचार प्रसार की जैसे डिजिटल Online क्रांति ही हो गई, जिसकी लहरें देश ही नहीं विदेशों तक भी पहुँची। वहीं दूसरी ओर प्राकृत भाषा के प्रचार के साथ ही रेवाड़ी नगर भी प्रसिद्ध होता गया।
इसी रेवाड़ी नगर में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) के सानिध्य में 19 से 21 मार्च तक चतुर्थ वार्षिक प्राकृत प्रशिक्षण शिविर एवं षष्ठम् दीक्षान्त समारोह का आयोजन हुआ। त्रिदिवसीय शिविर का समापन अनेक सुन्दर नाटिकाओं, भजन, गीत, संगीत आदि रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से प्राकृत भाषा की महिमा को जानकर सभी का मन प्रसन्न हो गया। कार्यक्रम के अन्त में प्राकृत भाषा का महत्व दर्शाने वाली नाटिका की प्रस्तुति बहुत ही मनमोहक, ज्ञानवर्धक और आकर्षक रही जिसे देखकर प्राकृत भाषा के प्रति, हृदय सम्मान और गर्व से भर गया। अन्त में पूज्य मुनि श्री ने भी प्राकृत भाषा में ही उद्बोधन देकर उपस्थित जनसमूह को अपना आशीर्वाद प्रदान किया।
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16-Mar-2025
रेवाड़ी (हरियाणा) में हुआ भव्य मंगल प्रवेश
जयपुर चातुर्मास के पूर्ण होने के बाद से ही रेवाड़ी के श्रावक पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के मंगल आगमन की प्रतीक्षा कर रहे थे। लम्बे इन्तजार के बाद, 16 मार्च 2025 को वह शुभ दिन आया जब रेवाड़ी के गुरुभक्तों की इच्छा पूर्ण हुई और उन्हें अपने आराध्य गुरुदेव का मंगल सानिध्य प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। कुचामन सिटी से रानोली, भव्योदय अतिशय क्षेत्र रैवासा, सीकर, नीमकाथाना, नारनौल आदि स्थानों से होते हुए, 15 दिन विहार के पश्चात पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का रेवाड़ी में भव्य मंगल प्रवेश हुआ।
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27-Feb-2025
कुचामन सिटी को मिला पूज्य मुनि श्री का मंगल सानिध्य
फुलेरा (राजस्थान) से विहार के पश्चात, कुचामन सिटी (राजस्थान) को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का 3 दिन के लिए मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ। इस लघु अवधि में पूज्य मुनि श्री ने कुचामन सिटी में स्थित भव्य जिनालयों के दर्शन किए और प्राचीन ऐतिहासिक किले का अवलोकन किया। 1 मार्च को पूज्य मुनि श्री का कुचमान सिटी से मंगल विहार हुआ।
21-Feb-2025
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव (फुलेरा) राजस्थान
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में राजस्थान के फुलेरा नगर में 18 से 21 फरवरी तक, पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन बहुत ही उत्साह, उमंग और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस पंचकल्याणक की विशेषता रही कि यह 6 दिन के स्थान पर, चार दिन की अवधि में ही सम्पन्न हो गया। तीसरे दिन प्रात:काल तप कल्याणक में भगवान की दीक्षा और आहारचर्या की मांगलिक क्रियाएं तो अपराह्न समय में ज्ञानकल्याणक के अनुपम दृश्य देखने का शुभ अवसर उपस्थित जनसमूह को प्राप्त हुआ।
पंचकल्याणक के पश्चात पूज्य मुनि श्री का फुलेरा, राजस्थान से मंगल विहार हुआ।
19-Feb-2025
भरत का भारत – देश का प्राचीन गौरव (लोकार्पण)
राजस्थान के नगर फुलेरा को यह सौभाग्य प्राप्त हुआ कि यहाँ भारत के प्राचीन गौरव का सन्देश देने के लिए, भरत का भारत नाम से इतिहास सम्बन्धी एक Monument प्रतिकृति का सर्वप्रथम लोकार्पण हुआ। 19 फरवरी 2025 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस मॉडल प्रतिकृति में भारत के मानचित्र के साथ भरत चक्रवर्ती की प्रतिमा और भरत का भारत लिखा हुआ एक आधार स्तम्भ समायोजित किया गया है। इस प्रतिकृति से जनमानस को यह सन्देश दिया गया है कि प्राचीन काल से ही हमारे देश का नाम भारतवर्ष था। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री 1008 ऋषभदेव भगवान के ज्येष्ठ पुत्र भरत चक्रवर्ती के नाम पर, इस देश का नाम भारत पड़ा। इस तथ्य का उल्लेख अनेक प्राचीन शिलालेखों, शास्त्रों और ग्रन्थों के माध्यम से भी प्राप्त होता है। देश का भारत नाम हमारी प्राचीन संस्कृति, गौरव और इतिहास के साथ जुड़ा हुआ है और यह नाम जैन दर्शन की प्राचीनता के बारे में भी जनमानस को परिचित कराता है।
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17-Feb-2025
17 फरवरी 2025 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का फुलेरा (राजस्थान) में हुआ भव्य मंगल प्रवेश।
13-Feb-2025
पूज्य मुनि श्री का जयपुर से हुआ मंगल विहार
13 फरवरी 2025 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का जयपुर से मंगल विहार हुआ। दीर्घ अवधि तक पूज्य मुनि श्री के सानिध्य का लाभ जयपुर के श्रावकों को प्राप्त हुआ। चार्तुमास के शुभारम्भ के साथ ही 22 जुलाई से पूज्य मुनि श्री का सानिध्य उन्हें प्राप्त हुआ। 2-7 दिसम्बर तक पूज्य मुनि श्री ने अतिशय तीर्थक्षेत्र सांगानेर जी और अतिशय तीर्थक्षेत्र बाड़ा पदमपुरा जी के दर्शन किए। जनवरी में कुछ दिन किशनगढ़ में पूज्य मुनि श्री का प्रवास रहा। उसके पश्चात पुनः जयपुर को पूज्य मुनि श्री का सानिध्य प्राप्त हुआ। जयपुर प्रवास की अवधि में अनेक कार्यक्रमों के साथ ही 3 पंचकल्याणक पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में हुए। एक ही नगर में पूज्य मुनि श्री के एक ही प्रवास में, 3 पंचकल्याणक का नया कीर्तिमान भी यहाँ स्थापित हुआ। गुलाबी नगरी में अध्यात्म और भक्ति के नए नए रंगों की छटा बिखरने वाला, पूज्य मुनि श्री का जयपुर प्रवास सभी को स्मरणीय रहेगा।
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12-Feb-2025
दीक्षा दिवस का आयोजन
जयपुर के श्रावकों का यह परम सौभाग्य रहा कि जुलाई से उन्हें पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज का चातुर्मास प्राप्त हुआ और फरवरी में पूज्य मुनि श्री का दीक्षा दिवस मनाने का शुभ अवसर भी मिला। दीक्षा दिवस पर दूर दूर से भक्तजन पहुँचे और पूज्य मुनि श्री के चरणों में अपने भक्ति भावों और निवेदन के साथ श्रीफल अर्पित किए । अनेक नृत्य, नाटिकाओं आदि सुन्दर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति इस समारोह में हुई। पूज्य मुनि श्री द्वारा रचित कृतियों का विमोचन भी किया गया। समारोह के अन्त में पूज्य मुनि श्री के मुख से ही दीक्षा और आचार्य श्री के सानिध्य का संस्मरण सुनकर उपस्थित जनसमूह प्रसन्नता और आनन्द से भर गया।
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12-Feb-2025
हीरापथ मानसरोवर, जयपुर में पंचकल्याणक महोत्सव
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में हीरापथ मानसरोवर जयपुर में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव बहुत ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में सम्पन्न होने वाला यह जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र का दूसरा और जयपुर नगर का तीसरा पंचकल्याणक रहा।
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4-Feb-2025
राजस्थान सरकार के शिक्षा मन्त्री जी ने लिया आशीर्वाद
सिद्धार्थ नगर में पंचकल्याणक महोत्सव में, मोक्ष कल्याणक के दिन राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री (शिक्षा, पंचायती राज एवं संस्कृत मंत्री) माननीय श्री मदन दिलावर जी ने पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के दर्शन करने पहुँचे। माननीय शिक्षा मंत्री जी ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए गौ माता के महत्व के बारे में जन समुदाय को परिचित कराया। गौ माता की और पर्यावरण की रक्षा के लिए जैन समुदाय को सहयोग एवं योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही माननीय मन्त्री जी ने पूज्य मुनि श्री से विचार विमर्श किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री ने अपने द्वारा रचित अनुपम कृति गौवैभवशतकम् भी मंत्री जी को आशीर्वाद स्वरूप प्रदान की।
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पंचकल्याणक महोत्सव में पहुँचे -राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री जी
4-Feb-2025
भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव सिद्धार्थ नगर (जयपुर)
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) के सानिध्य में सिद्धार्थ नगर जयपुर में भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव बहुत ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। यह महोत्सव 30 जनवरी से 4 फरवरी तक चला।
4 फरवरी 2025 को पूज्य मुनि श्री के आशीर्वाद और सानिध्य में जयपुर के सिद्धार्थ नगर में अर्हं ध्यान योग केन्द्र का भी उद्घाटन किया गया।
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23-Jan-2025
पूज्य मुनि श्री का जयपुर में मंगल प्रवेश
जयपुर के श्रावक बहुत सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज का चातुर्मास के पश्चात, दोबारा फिर से सानिध्य प्राप्त हो रहा है । 23 जनवरी 2025 को पूज्य मुनि श्री ससंघ का पुनः जयपुर की धरा पर भव्य मंगल प्रवेश हुआ। किशनगढ़ से जयपुर तक पूज्य मुनि श्री का 8 दिन तक विहार चला । विहार की अवधि में एक दिन जैन मन्दिर मौजमाबाद और 2 दिन के लिए जैन मन्दिर फागी में भी पूज्य मुनि श्री का प्रवास रहा।
15-Jan-2025
15 जनवरी 2025 को,पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का किशनगढ़ (राजस्थान) से मंगल विहार हुआ। किशनगढ़ के श्रावकों को 9-15 जनवरी तक पूज्य मुनि श्री ससंघ का सानिध्य प्राप्त हुआ।
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14-Jan-2025
किशनगढ़ (राजस्थान) में अर्हं ध्यान योग
किशनगढ़ में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में अर्हं ध्यान योग का आयोजन हुआ। तीव्र ठंड के प्रतिकूल मौसम में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस कार्यक्रम में पहुँचे । उपस्थित जनसमूह ने बहुत उत्साह से अर्हं ध्यान योग किया और अपने को नई ऊर्जा से भरकर आनन्द का अनुभव किया। पूज्य मुनि श्री के लघु प्रवास की अवधि में भी स्वात्म साधना और अर्हं ध्यान योग शिविर का का लाभ किशनगढ़ के श्रावकों को प्राप्त हुआ ।
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13-Jan-2025
स्वात्म साधना शिविर का हुआ आयोजन
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में 11 से 13 जनवरी तक स्वात्म साधना शिविर का आयोजन किशनगढ़ में हुआ। इस शिविर में 3 दिन तक मौन रहकर और मोबाइल का त्याग करके शिविरार्थियों ने तप साधना की और पूज्य मुनि श्री से अपने को आत्मिक सन्तोष और आत्मिक ऊर्जा से भरने के सूत्र जाने और उनका अभ्यास किया।
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10-Jan-2025
किशनगढ़ में मंगल वात्सल्य मिलन
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) और पूज्य मुनि श्री समत्व सागर जी महाराज (ससंघ) का आज 10 जनवरी 2025 को किशनगढ़ (राजस्थान) में मंगल वात्सल्य मिलन हुआ
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9-Jan-2025
किशनगढ़ (राजस्थान) में भव्य मंगल प्रवेश
9 जनवरी 2025 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज का किशनगढ़ (राजस्थान) में मंगल प्रवेश हुआ। विशाल शोभा यात्रा के साथ, यह मंगल प्रवेश इतना भव्य रहा कि ऐसा प्रतीत हुआ.. जैसे चातुर्मास के लिए ही नगर में प्रवेश हो रहा हो। जैन समाज के भामाशाह, दानवीर, समाजसेवी श्री अशोक जैन जी पाटनी, श्रीमती सुशीला पाटनी जी और समस्त आर. के. मार्बल परिवार की भक्ति, श्रद्धा, सेवा, समर्पण भाव और किशनगढ़ वासियों का पुण्य, पूज्य मुनि श्री को अपने नगर में खींच ही लाया। इतनी कड़ाके की ठंड में भी पूज्य मुनि श्री ने विहार किया और किशनगढ़ पहुँच गए । परम गुरुभक्त, अगाढ़ श्रद्धालु, गुरु चरणों में समर्पित, आर के मार्बल, पाटनी परिवार निरन्तर गुरु दर्शन के लिए पहुँचते रहता हैं और आज उनके नगर में ही, जब गुरु का साक्षात मंगल आगमन हुआ तो उनका हृदय आनन्द और मन प्रसन्नता एवं खुशी से भर गया। उनके साथ ही, समस्त किशनगढ़वासी भी पूज्य मुनि श्री को अपने नगर में पाकर प्रफुल्लित होकर नई उर्जा से भर गये।
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9-Jan-2025
केन्द्र और राजस्थान सरकार के मंत्रीगण ने लिया पूज्य मुनि श्री का आर्शीवाद
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का, जयपुर चातुर्मास और प्रवास के बाद किशनगढ़ (राजस्थान) की ओर विहार हुआ । 7 दिन विहार के पश्चात, 9 जनवरी को पूज्य मुनि श्री, आर. के. फार्म हाउस, किशनगढ़ पहुँचे।किशनगढ़ में केंद्र सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री माननीय श्री भागीरथ चौधरी जी, राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री (उद्योग एवं वाणिज्य, युवा मामले एवं खेल विभाग) माननीय श्री राज्यवर्धन सिंह राठौर जी एवं कैबिनेट मंत्री (जल संसाधन विभाग) श्री सुरेश सिंह रावत जी , पूज्य मुनि श्री के दर्शन करने पहुँचे और दर्शन लाभ के साथ ही, उन्होंने पूज्य मुनि श्री का मंगल आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
माननीय मंत्री श्री भागीरथ चौधरी जी
माननीय मंत्री श्री राज्यवर्धन सिंह राठौर जी
माननीय मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत जी
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2-Jan-2025
2 जनवरी 2025 को, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का जयपुर (राजस्थान) से मंगल विहार हुआ।
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1-Jan-2025
24 तीर्थंकर स्तुति विधान का आयोजन
नव वर्ष के अवसर पर वैशाली नगर, जयपुर में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में चतुर्विंशति जिनस्तोत्रशतकम् (24 तीर्थंकर स्तुति विधान) का आयोजन हुआ। यह विधान पूज्य मुनि श्री द्वारा ही रचित है। इस विधान के माध्यम से, उपस्थित सभी श्रावकों और भक्तों को अपने नए वर्ष का शुभारम्भ 24 तीर्थंकर भगवान की स्तुति, अर्चना और गुरु के आशीर्वाद के साथ करके का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
गायत्री नगर, जयपुर में प्रथम ध्यान दिवस के अवसर पर पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने अर्हं ध्यान योग का अभ्यास करवाया और अर्हं ध्यान के महत्व से जनमानस को परिचित कराया। इस अवसर पर देश, विदेश से हजारों लोगों ने जुड़कर ध्यान साधना की और आत्मिक शान्ति का अनुभव किया।
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17-Dec-2024
आगरा में गोवैभवशतकम् कृति पर संगोष्ठी
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज द्वारा रचित अनुपम कृति गोवैभवशतकम् पर आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में अन्तराष्ट्रीय विद्वत संगोष्ठी का आयोजन हुआ। संगोष्ठी का विषय था– संस्कृत शतक काव्य परम्परा में मुनि श्री प्रणम्य सागर जी विरचित “गोवैभवशतकम्” का स्थान। इस अवसर पर उपस्थित विद्वानों को Online माध्यम से पूज्य मुनि श्री के आशीर्वचन सुनने का अवसर भी प्राप्त हुआ।
16-Dec-2024
दशम प्रतिमाधारी संयमी इंदुमती माता जी का हुआ समाधिमरण
जन्म और मृत्यु जीवन का एक अटूट सत्य है। अनेक प्रकार से जीव इस संसार में मृत्यु को प्राप्त करते हैं, लेकिन कुछ भव्य जीव मृत्यु से डरते नहीं, घबराते नहीं बल्कि साहस के साथ उसे स्वीकार करके सल्लेखना, समाधि को ग्रहण करते हैं। ऐसी ही एक भव्य जीव दशम् प्रतिमाधारी संयमी इन्दुमति माता जी थीं जिनका गृहस्थावस्था का नाम इंदिरा बज था, जिनका जीवन देव शास्त्र गुरु के प्रति श्रद्धा, भक्ति, सेवा में समर्पित था और जिन्होंने 7 प्रतिमा व्रत को धारण कर लिया था। असाध्य रोग की परिस्थिति में उन्होंने 47 दिन पूर्व जयपुर में, पूज्य मुनि प्रणम्य सागर जी महाराज के आशीर्वाद, मार्गदर्शन में सल्लेखना ली और केवल जल ग्रहण किया। स्वास्थ्य अधिक प्रतिकूल होने पर, 16 दिसम्बर को प्रातकालः पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने उन्हें सम्बोधन दिया और उसी समय मुनि श्री से 10 वीं प्रतिमा के व्रत भी उनको प्राप्त हुए। उसी दिन दोपहर में 12 बजकर 29 मिनट पर, पूज्य मुनि श्री के मुख से णमोकार मंत्र श्रवण करते हुए, संयमी इंदुमती माता जी ने सल्लेखना पूर्वक समाधिमरण किया और अपने मनुष्य जन्म को सफल बनाते हुए मोक्ष मार्ग की और कदम बढ़ा दिए।
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10-Dec-2024
10 दिसम्बर 2024 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का, श्री दिगम्बर जैन मन्दिर, महारानी फार्म, गायत्री नगर-ए, जयपुर में हुआ भव्य मंगल प्रवेश।
7-Dec-2024
7 दिसम्बर 2024 को तीन दिन के प्रवास के बाद, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का, श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र बाड़ा पदमपुरा, राजस्थान से मंगल विहार हुआ।
4-Dec-2024
4 दिसम्बर 2024 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का, श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा, राजस्थान में हुआ भव्य मंगल प्रवेश।
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2-Dec-2024
सांगानेर में, प्रभु चरणों में 7 घंटे ध्यान में लीन रहे पूज्य मुनि श्री
जयपुर चातुर्मास के पश्चात, राधा विहार और सिद्धार्थ विहार में कुछ दिन प्रवास के बाद, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का अतिशय क्षेत्र सांगानेर जी में मंगल आगमन हुआ। पूज्य मुनि श्री ने यहां प्राचीन, चतुर्थकालीन, अतिशयकारी श्री 1008 आदिनाथ भगवान के दर्शन किये। सांय 5:00 बजे पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने पुनः श्री 1008 आदिनाथ भगवान के दर्शन और वन्दना की और वहीं पर ध्यान में बैठ गए। भगवान की अलौकिक एनर्जी और पूज्य मुनि श्री की आत्मिक एनर्जी और दोनों की शुभ, पवित्र वर्गणाओं का ऐसा connection हुआ कि रात्रि की तीव्र ठंड और जिनालय का सर्द मौसम भी, पूज्य मुनि श्री को ध्यान करने से नहीं रोक पाए, पूज्य मुनि श्री 7 घंटे (रात्रि 12:00 बजे) तक, भगवान के समक्ष ध्यान में लीन रहे।
2 दिसम्बर 2024 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का, श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र संघी जी मन्दिर, सांगानेर (जयपुर) राजस्थान में हुआ भव्य मंगल प्रवेश।
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25-Nov-2024
मानसरोवर, जयपुर से मंगल विहार
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का, चातुर्मास उपरान्त मानसरोवर, जयपुर से आज 25 Nov 2024 को मंगल विहार हुआ। पूज्य मुनि श्री का जयपुर चातुर्मास इतना विविधताओं से भरा रहा कि शायद ही कोई sat- sunday खाली रहा हो, जब किसी कार्यक्रम या शिविर का आयोजन न हुआ हो। ज्ञान, ध्यान और भक्ति के रसों से परिपूर्ण और अनेक कार्यक्रमों, समारोह, विधानों, आयोजनों, शिविरों, सेमिनार, गोष्ठियों और पंच कल्याणक के रंगों से सजा हुआ पूज्य मुनि श्री का, मानसरोवर (जयपुर) का यह ऐतिहासिक चातुर्मास सदा ही स्मरणीय रहेगा।
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17-Nov-2024
पिच्छिका परिवर्तन समारोह का आयोजन
जयपुर में भव्य पंचकल्याणक महामहोत्सव में मोक्ष कल्याणक के दिन ही, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज संसघ का पिच्छिका परिवर्तन समारोह का आयोजन भी हुआ। हुआ। दूर दूर के नगरों से भी बड़ी संख्या में श्रावक और भक्तगण इस समारोह में पहुंचे। पंचकल्याणक महोत्सव की विशुद्धि, आनन्द, उमंग और उल्लास के बाद, यह पिच्छिका परिवर्तन का समारोह भी बहुत ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज का जयपुर चातुर्मास अनेक प्रकार के कार्यक्रमों और आयोजनों की विविधता से भरा रहा। इसी श्रृंखला में, मानसरोवर (जयपुर) में 13 से 17 नवम्बर तक भव्य पंचकल्याणक महामहोत्सव का भी पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में आयोजन हुआ। पंचकल्याणक की सभी मांगलिक क्रियाओं और कार्यक्रमों में जयपुर के श्रावकों ने बहुत ही उत्साह, उमंग और उल्लास के साथ भाग लिया और अपने को धन्य किया। चातुर्मास अवधि में आयोजित हुई श्री पार्श्व कथा को श्रवण करके, मानसरोवर (जयपुर) के भक्तों ने खूब सातिशय पुण्य अर्जित किया और इस पुण्य का ही यह फल था कि इतना शीघ्र ही यहाँ पर भव्य पंचकल्याणक सम्पन्न हुए और श्री 1008 पार्श्वनाथ भगवान की श्वेत पाषाण की दिव्य, मनोहरी प्रतिमा उनके जिनालय में विराजमान हुई या फिर ऐसा कहें मानसरोवर, जयपुर में श्री पार्श्व कथा का ऐसा अतिशय हुआ कि श्री पार्श्व प्रभु ही यहाँ के जिनालय में विराजित हो गये। यह मनोहारी, मनोज्ञ प्रतिमा पूज्य मुनि श्री के जयपुर चातुर्मास और श्री पार्श्व कथा का सदा ही स्मरण दिलाती रहेगी।
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10-Nov-2024
संगोष्ठी का आयोजन
जयपुर नगर को विद्वानों की नगरी के रूप में भी जाना जाता है। पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के चातुर्मास में, यहाँ एक नहीं, अपितु दो विद्वत संगोष्ठियों का आयोजन हुआ। इन संगोष्ठियों में देश के विभिन्न क्षेत्रों से अनेक विद्वानों की गरिमामय उपस्थिति रही। 24 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक, तीन दिवसीय राष्ट्रीय विद्वत संगोष्ठी का आयोजन, महावीर नगर जयपुर में हुआ। इस संगोष्ठी में.. “भारतीय संस्कृति के संवर्द्धन में आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज का अवदान” विषय पर, विद्वानों ने अपने आलेख, विचारों और चिन्तन को प्रस्तुत किया। 9 से 10 नवम्बर तक द्वि दिवसीय द्वितीय राष्ट्रीय इतिहास संगोष्ठी का आयोजन मानसरोवर, जयपुर में हुआ। इस संगोष्ठी में…“प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा में जैन धर्म” विषय पर विद्वान वर्ग द्वारा चिन्तन, मनन और मंथन किया गया। इन दोनों संगोष्ठियों में, पूज्य मुनि श्री ने भी अपना उद्बोधन दिया और उपस्थित विद्वतवर्ग एवं जनसमुदाय को प्रेरणा और अमूल्य मार्गदर्शन प्रदान किया।
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20-Oct-2024
अक्टूबर माह के अन्य आयोजन
अक्टूबर माह में अनेक कार्यक्रमों की श्रंखला में, अर्हं अभ्युदय शिविर और महामह नंदीश्वर विधान का आयोजन भी जयपुर में हुआ। 12 – 13 oct को सम्पन्न हुई अर्हं अभ्युदय की दो दिवसीय वर्कशॉप में जहाँ एक ओर मेधावी युवाओं को, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज और अनेक क्षेत्र के एक्सपर्ट द्वारा जीवन के लिए उपयोगी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। दूसरी ओर, 13 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक आयोजित महामह नंदीश्वर विधान में जयपुरवासी अष्टान्हिका पर्व आने से पूर्व ही, भक्ति रस की वर्षा में भीग भीग कर आनन्दित हो गए।
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6-Oct-2024
प्राकृत शिविर का आयोजन
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में वार्षिक प्राकृत प्रशिक्षण शिविर और दीक्षान्त समारोह का आयोजन जयपुर में हुआ। प्राकृत भाषा के विकास और प्रचार के लिए, प्राकृत टीम द्वारा किए सराहनीय कार्यों के बारे में जानने का अवसर समाज को मिला। इस अवसर पर टीम द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह की शोभा बढ़ा दी। इस शिविर के माध्यम से प्राकृत भाषा को जानने, पढ़ने और उसकी प्राचीनता के बारे में ज्ञान प्राप्त करके, जन समुदाय का ध्यान प्राकृत भाषा की ओर आकर्षित हुआ।
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5-Oct-2024
अर्हं ध्यान योग-आयकर-जीएसटी पर सेमिनार
5 अक्टूबर 2024 को भट्टारक जी की नसिंया, जयपुर में आयकर, जीएसटी और अर्हं ध्यान योग से सम्बन्धी सेमिनार का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा जी ने इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने सम्बोधन में माननीय मुख्यमंत्री जी ने देश और प्रदेश की आर्थिक मजबूती में चार्टर्ड अकाउन्टेंट समूह की भूमिका की सराहना की। वहीं पूज्य मुनि श्री ने उपस्थित जनसमूह को जीवन में अर्हं भाव को आत्मसात करने और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से आत्मउन्नति करने के लिए मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्रदान किया।
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2-Oct-2024
अर्हं ध्यान योग का आयोजन (2 Oct 2024)
तन को निरोगी, मन को प्रसन्न और आत्मिक शान्ति को जीवन में कैसे प्राप्त किया जा सकता है। इस ज्ञान को प्राप्त करने के लिए और इसका अभ्यास करने के लिए, अर्हं ध्यान योग प्रणेता मुनि श्री 108 प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में, जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में 2 अक्टूबर 2024 को प्रात: 5 से 7 बजे तक, अर्हं ध्यान योग का आयोजन किया गया। इस आयोजन में लगभग 20 हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इतने विशाल जनसमूह के मध्य प्रात:काल की अमृत बेला में जब अर्हं ध्यान योग प्रारम्भ हुआ तो सम्पूर्ण वातावरण अद्भुत positive energy से भर गया। एक नहीं, अपितु तीन इतिहास इस अविस्मरणीय Event के साथ रचे गए- जयपुर में इस तरह का आयोजन प्रथम बार हुआ, जयपुर वासियों के लिए तो ये क्षण सदैव स्मरणीय रहेंगे। दूसरे, सवाई मानसिंह स्टेडियम के लिए भी इतिहास रच गया कि यहाँ तपस्वी जैन सन्त के पावन चरण पड़े और क्रिकेट मैच के समय हर्ष या विषाद से भर जाने वाला यह स्टेडियम, आज अलौकिक आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। तीसरे, इतने अपार जनसमूह ने एक साथ अर्ह ध्यान योग किया, ये भी स्वयं में एक इतिहास लिखा गया।
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18-Sep-2024
अर्हं स्वधर्म शिविर 2024
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में दसलक्षण पर्व के अवसर पर, जयपुर में अर्हं स्वधर्म शिविर का आयोजन बहुत ही उत्साह, आनन्द और उमंग के साथ सम्पन्न हुआ। इस शिविर में भाग लेने के लिए दूर स्थानों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचें। 1800 से भी ज्यादा शिविरार्थियों ने इस शिविर में भाग लिया। प्रतिदिन सुबह ध्यान की पॉजिटिव एनर्जी और आत्मिक शान्ति के साथ शुरू हुआ शिविर, शाम को आरती और भक्ति के रंगों से सज जाता था। शिविर में योग और ध्यान, पूजा और विधान, स्वाध्याय और ज्ञान, सामायिक और प्रतिक्रमण आदि का प्रतिदिन भक्तों ने लाभ लिया और इनका अभ्यास करके, अपने लिए आध्यात्मिक संस्कारों और पुण्य दोनों का अर्जन किया।
चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शान्तिसागर जी महाराज भक्ति स्तुति
मानसरोवर जयपुर में, चारित्र चक्रवर्ती समाधि सम्राट आचार्य श्री शान्तिसागर जी महाराज के समाधि दिवस के अवसर पर, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में श्रावकों ने पूजा, भक्ति, स्तुति करके अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए । पूज्य मुनि श्री द्वारा रचित कृति स्तुतिशतकम् के माध्यम से आचार्य श्री शान्ति सागर जी महाराज की स्तुति के साथ ही उनकी जीवन यात्रा, कठिन तप , त्याग और जैन समाज के लिए उनके अभूतपूर्व उपकार के बारे में जानने का लाभ भी जन समुदाय को इस अवसर पर प्राप्त हुआ।
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31-Aug-2024
अगस्त माह के आयोजन
जयपुर में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में, अगस्त माह में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। प्रात: काल श्रावकों को श्री पार्श्वकथा श्रवण करने का सौभाग्य मिल रहा है, तो दोपहर 3:00 बजे पंचास्तिकाय स्वाध्याय में पंचास्तिकाय जैसे महान ग्रंथ को अत्यन्त सरल और सुगम भाषा में समझने का परम सौभाग्य भी प्राप्त हो रहा है। पूज्य मुनि श्री द्वारा रचित श्री वर्धमान स्तोत्र और 31 अगस्त को श्री मुनिसुव्रतनाथ विधान का आयोजन भी यहां हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लेकर पुण्य संचय किया। इसके अतिरिक्त अर्हं स्वात्म साधना शिविर, अर्हं अंतरप्पा शिविर, अर्हं ध्यान योग कार्यक्रम और Arham Corporate Retreat का भी आयोजन अगस्त माह में किया गया। इन सभी कार्यक्रमों में शिविरार्थियों ने अनेक तरह से लाभ लिया और जीवन के लिए उपयोगी मार्गदर्शन को प्राप्त किया।
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28-July-2024
चातुर्मास कलश स्थापना समारोह
परम पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के रूप में ज्ञान और ध्यान की अविरल धारा मध्य प्रदेश के विभिन्न नगरों को लाभान्वित करती हुई, जब राजस्थान की धरा पर पहुंची तो राजस्थान के जैन श्रावकों मे हर्ष की लहर दौड़ गई। पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ के पावन वर्षायोग 2024 का सौभाग्य राजस्थान की राजधानी जयपुर को प्राप्त हुआ। 28 जुलाई को मानसरोवर के मीरा मार्ग स्थित आदिनाथ भवन में मंगल चातुर्मास कलश स्थापना का कार्यक्रम बहुत ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।
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22-July-2024
चातुर्मास के लिए मानसरोवर (जयपुर) में हुआ भव्य मंगल प्रवेश
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13-July-2024
अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी (राजस्थान) में मंगल आगवानी
चातुर्मास नगरी की दिशा में विहार करते हुए, 13 जुलाई को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ), श्री महावीर जी अतिशय क्षेत्र पहुंचे। यहाँ पर श्रावकों और भक्तों ने बहुत हर्ष और उल्लास के साथ मुनि संघ की भव्य आगवानी की। वर्धमान महावीर भगवान की भक्ति जिनके हृदय से बाहर निकल कर आई तो अदभुत वर्धमान स्तोत्र की रचना हो गई। ऐसे पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने जब अतिशकारी महावीर भगवान के दर्शन किए तो भावविभोर हो गए जैसे कि वर्षों बाद किसी अपने से मिल रहे हो।
भगवान महावीर के चरणों में वर्धमान स्तोत्र के रचियता को पाकर उपस्थित जनसमूह भी उत्साह से भर गया, सभी के लिये ये अविस्मरणीय पल थे। इसके पश्चात भगवान के समक्ष, पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में ही वर्धमान स्तोत्र का पाठ किया गया। इस अवसर पर जयपुर के श्रावकों द्वारा चातुर्मास के लिए श्रीफल भी अर्पित किया गया।
2-July-2024
ग्वालियर में गोपाचल पर्वत पर दर्शन
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) 30 जून को ग्वालियर पहुंचे। 3 दिन के लिए यहाँ के श्रावकों को पूज्य मुनि श्री का मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ। इस प्रवास की अवधि में पूज्य मुनि श्री ने ग्वालियर के जिनालयों के दर्शन किए, 1 जुलाई को पूज्य मुनि श्री सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक गोपाचल पर्वत पहुंचे और वहाँ स्थित प्राचीन विशाल जिनबिम्बों के दर्शन किए। गोपाचल पर्वत पर पूज्य मुनि श्री को देख श्रावकजन भी हर्षित हो उठे। 2 जुलाई को पूज्य मुनि के सानिध्य में श्री वर्धमान स्तोत्र का आयोजन ग्वालियर में किया गया। इस अवसर पर श्रावकों ने पूज्य मुनि श्री से चातुर्मास के लिए भी निवेदन किया।
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मंगल चातुर्मास कलश स्थापना का कार्यक्रम बहुत ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।
23-Jun-2024
अर्हं ध्यान योग कार्यक्रम (झांसी)
चातुर्मास स्थल की तरफ विहार करते हुए, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का झांसी में 5 दिन का प्रवास रहा। पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में यहां 23 जून को अर्हं ध्यान योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया । झांसी के साथ साथ दिल्ली, आगरा आदि दूर स्थानों से भी, अनेकों भक्तजन इस कार्यक्रम में उपस्थित हुए। पूज्य मुनि श्री से पंच मुद्रा,नई अर्हं clapping और धैर्य, क्षमा और ध्यान के बारे में ज्ञान और मार्गदर्शन प्राप्त कर उपस्थित जनसमूह नई ऊर्जा और उत्साह से भर गया।
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झांसी लघु प्रवास की अवधि में, इससे पूर्व महावीर चौक कटरा स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में वेदी प्रतिष्ठा, जिनबिम्ब स्थापना और कलशारोहण समारोह भी पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में संपन्न हुआ।
मंगल विहार
पूज्य मुनि प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का 23 जून को शाम 5 बजे झांसी से मंगल विहार हुआ।
19-Jun-2024
झाँसी (उत्तर प्रदेश) में मंगल प्रवेश
छतरपुर से नौगांव, मऊरानीपुर, सकरार और बरुआ सागर होते हुए, विहार के 11 दिन पश्चातपूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का का 19 जून को झाँसी (उत्तर प्रदेश) में मंगल प्रवेश हुआ। इस प्रकार मध्य प्रदेश से विहार करते हुए, पुन: एक बार, पूज्य मुनि श्री का उत्तर प्रदेश की धरा पर मंगल आगमन हुआ । इससे पूर्व जनवरी 2024 में पूज्य मुनि श्री का बांदा (उत्तर प्रदेश ) में कुछ समय के लिए प्रवास रहा था ।
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8-Jun-2024
छतरपुर (मध्य प्रदेश) से 5 दिन के लघु प्रवास के पश्चात, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का मंगल विहार हुआ।
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3-Jun-2024
छतरपुर (मध्य प्रदेश) में मंगल प्रवेश
खजुराहो से 3 दिन के विहार के पश्चात, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का आज 3 जून को धर्मनगरी छतरपुर में मंगल प्रवेश हुआ। छतरपुर में पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज द्वारा ही रचित, श्री शान्तिनाथ पूजा विधान, श्री वर्धमान स्तोत्र विधान एवं श्री मुनिसुव्रत नाथ विधान करने का सौभाग्य श्रावकों को प्राप्त हुआ।
31-May-2024
खजुराहो से मंगल विहार
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का आज खजुराहो से मंगल विहार हुआ। पूज्य मुनि श्री का यहाँ 23 दिवसीय प्रवास रहा। इस लघु प्रवास की अवधि में भी पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में, यहाँ अनेक कार्यक्रम आयोजित हुए जिसमें अर्हं ध्यान योग शिविर और 5 दिवसीय अर्हं स्वात्म साधना शिविर प्रमुख रहा। इसके साथ ही संत शिरोमणि आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महाराज द्वारा रचित ग्रन्थ सुनीतिशतकम् पर, पूज्य मुनि श्री के प्रवचन श्रवण करने का सौभाग्य, यहाँ भक्तजन को प्राप्त हुआ।
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13-May-2024
अर्हं ध्यान योग शिविर का आयोजन
ऐतिहासिक स्थल लाल किला दिल्ली, और ताजमहल आगरा के प्रांगण में, बड़े स्तर पर अर्हं ध्यान योग शिविर के सफल आयोजन के बाद, प्राचीन सांस्कृतिक नगरी खजुराहो के पश्चिमी मन्दिर समूह स्थल पर, अर्हं ध्यान योग प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में योग एवं ध्यान शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 3000 लोगों ने अर्हं ध्यान योग किया। जहाँ एक ओर दूर क्षेत्रों से लोग इस कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों और खजुराहो घूमने आए देशी-विदेशी पर्यटकों ने भी इस कार्यक्रम में आनन्द और उत्साह से भाग लिया । यह कार्यक्रम, योग दिवस 2024 के 39 days countdown के उपलक्ष्य में आयुष मंत्रालय, भारत सरकार और ओं अर्हं सोशल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया
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8-May-2024
खजुराहो (मध्य प्रदेश) में मंगल प्रवेश
श्री सिद्ध क्षेत्र कुण्डलपुर से जब मुनि संघ के विहार शुरू हुए तो सभी को ये उत्सुकता रही कि अब कौन से मुनि संघ का, किस दिशा में विहार होगा।पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का विहार खजुराहो मध्य प्रदेश की दिशा में हुआ। कुण्डलपुर से विहार के 11 दिन बाद आज खजुराहो मध्य प्रदेश में मंगल प्रवेश हुआ। खजुराहो में पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में श्री शान्तिनाथ विधान का आयोजन हुआ और अक्षय तृतीया पर्व को मनाया गया।
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27-April-2024
श्री सिद्ध क्षेत्र कुण्डलपुर से मंगल विहार
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का आज श्री 1008 बड़े बाबा आदिनाथ भगवान कुण्डलपुर, सिद्ध क्षेत्र से मंगल विहार हुआ। यहां पूज्य मुनि श्री का कुल 27 दिवस का प्रवास रहा। 16 अप्रैल को संपन्न हुए आचार्य पद पदारोहण महोत्सव के लिए, 1 अप्रैल 2024 को पूज्य मुनि श्री का कुण्डलपुर में मंगल प्रवेश हुआ था। यहां बड़े बाबा श्री आदिनाथ भगवान की छत्र छाया और समस्त संघ के सानिध्य का दुर्लभ अवसर पूज्य मुनि श्री (ससंघ) को प्राप्त हुआ।
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24-April-2024
पूज्य मुनि श्री ने किए केशलोंच
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने आज प्रात: काल कुण्डलपुर सिद्ध क्षेत्र पर, जैन साधु की कठिन तपस्या केशलोंच क्रिया को संपन्न किया।
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1-April-2024
श्री सिद्ध क्षेत्र कुण्डलपुर (मध्य प्रदेश) में भव्य मंगल प्रवेश
पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज और पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (संसघ) का आज बड़े बाबा श्री 1008 आदिनाथ भगवान कुण्डलपुर सिद्ध क्षेत्र, दमोह (मध्य प्रदेश) में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। पूज्य मुनिद्वय की मंगल आगवानी के लिए विशाल जनसमूह उपस्थित रहा। श्रावकों द्वारा चरण प्रक्षालन, चरण वन्दना, मंगल आरती, मंगल कलश, ध्वज पताकाओं आदि के द्वारा पूज्य मुनिद्वय का स्वागत किया गया । कुण्डलपुर पहुंचने पर समस्त मुनिसंघ से द्वय मुनिराज का मंगल मिलन हुआ। मंगल प्रवेश के साथ कुण्डलपुर में चारो तरफ उत्साह और हर्षोल्लास का वातावरण देखने को मिला । इस भव्य मंगल प्रवेश ने एक तरफ 2022 में हुए महामहोत्सव की याद दिला दी तो दूसरी तरफ ऐसा लगा जैसे 16 अप्रैल को होने वाले आचार्य पद पदारोहण महोत्सव का जैसे आज से शुभारम्भ हो गया है।
31-Mar-2024
वात्सल्य मंगल मिलन (कुम्हारी जिला दमोह)
प्राचीन काल से ही जैन आगम में योग का बहुत महत्वपूर्ण स्थान रहा है। इसी योग को नया रूप प्रदान करके, जिनागम की अपूर्व प्रभावना करने वाले द्वय ऋषिराज,भावना योग प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज और अर्हं योग प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज का कुण्डलपुर की ओर विहार करते हुए, आज कुम्हारी जिला दमोह में वात्सल्य मंगल मिलन हुआ। एक लम्बे समय बाद द्वय मुनिराज के मंगल मिलन को देखकर, ऐसा प्रतीत हुआ जैसे योग की दो धाराओं का ही आज मंगल योग (मिलन) हुआ हो। इस भव्य मंगल मिलन का दृश्य इतना मनमोहक था कि वहाँ उपस्थित जनसमूह आनन्दित हो उठा और द्वय मुनिराज के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
25-Mar-2024
श्री महामह नंदीश्वर द्वीप विधान का आयोजन (कटनी, मध्यप्रदेश)
कटनी (मध्यप्रदेश) में 17-24 मार्च तक पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में भक्ति और उत्साह के रंगों और हर्षोल्लास के साथ श्री महामह नंदीश्वर द्वीप विधान सम्पन्न हुआ । अष्टान्हिका पर्व से सम्बन्धित मैना सुन्दरी का नाम तो सभी जानते हैं लेकिन रानी उर्विला और नंदीश्वर पर्व में उनके संकल्प के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। इस विधान में भक्तों को न केवल जिनधर्म प्रभावना में रानी उर्विला के योगदान से परिचित होने को अवसर मिला बल्कि अनेक श्राविकाओं को रानी उर्विला के पद को प्राप्त करने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ। विधान में चयनित रानी उर्विला द्वारा रथोत्सव का आयोजन किया गया।
25 मार्च को सामयिक के बाद पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का कटनी से मंगल विहार हुआ।
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16-Mar-2024
कटनी (मध्य प्रदेश) में मंगल प्रवेश
पन्ना (मध्यप्रदेश) में 10 दिन प्रवास के बाद पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का विहार 10 मार्च को कटनी की तरफ शुरू हुआ। 16 मार्च को पूज्य मुनि श्री ससंघ का कटनी ( मध्य प्रदेश) में मंगल प्रवेश हुआ।
24-Feb-2024
देवेन्द्र नगर में मंगल प्रवेश
गुरुचरणों की और बढ़ते हुए, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का प्रवास कुछ दिन अजयगढ़ में रहा। पुनः गुरु महाराज की अस्वस्थता के बारे में पता चला तो 14 Feb को फिर से मुनि श्री का विहार तेजी से गुरु चरणों की तरफ हुआ। पवई तक ही मुनि श्री पहुंचे थे कि आचार्य श्री की सल्लेखना समतापूर्वक समाधि का समाचार सुनकर स्तंभित और दुखी मन के साथ कदम रुक गए। कुछ दिन पवई में रुकने के बाद मुनि श्री का विहार देवेन्द्र नगर की तरफ हुआ। यहां पर 25 Feb को पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में विनयांजलि सभा का आयोजन हुआ। देवेन्द्र नगर में 6 दिन के प्रवास के बाद 29 Feb को पूज्य मुनि श्री का विहार पन्ना (मध्यप्रदेश) के लिए हुआ।
6-Feb-2024
अजयगढ़ (पन्ना) मध्य प्रदेश में मंगल आगमन
6 फरवरी 2024 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का मंगल आगमन अजयगढ़ (पन्ना) मध्य प्रदेश में हुआ। यहां 7 फरवरी को पूज्य मुनि श्री ने केशलोंच किया। 9 फरवरी को पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में श्री मुनिसुव्रतनाथ-जिनस्तोत्रकम् स्तुति विधान का आयोजन भी किया गया। इस विधान को एक नए तरह से सम्पन्न किया गया और अनेक तरह की सुन्दर वन्दन माला, स्तुति करते हुए भगवान के चरणों में समर्पित की गई।
केशलोंच के बाद ध्यान में लीन पूज्य मुनि श्री
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31-Jan-2024
बाँदा (उत्तरप्रदेश) से मंगल विहार
आज पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (संसघ) का बांदा से मंगल विहार हुआ। लगभग एक माह 21 दिन (52 दिन) का पूज्य मुनि श्री का सानिध्य बांदा जैन समाज को प्राप्त हुआ। इस अवधि में योग शिविर में भाग लेने और श्री राम कथा श्रवण करने का शुभ अवसर श्रावकों को प्राप्त हुआ।
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1-Jan-2024
चौबीस तीर्थंकर स्तुति विधान का आयोजन
नव वर्ष के अवसर पर बाँदा (उत्तर प्रदेश) में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में चतुर्विंशति जिनस्तोत्रशतकम्(24 तीर्थंकर स्तुति विधान ) का आयोजन हुआ। यह विधान पूज्य मुनि श्री द्वारा ही रचित है। विमोचन के बाद प्रथम बार इस विधान को पूज्य मुनि श्री के ही सानिध्य में करने का सौभाग्य बाँदा जैन समाज को प्राप्त हुआ। संस्कृत और हिंदी में रचित विधान के पदों को पूज्य मुनि श्री की मधुर वाणी में श्रवण कर भक्तजन प्रफुल्लित हो उठे।
अर्हं जीव दया भारत के साथ जुड़ें और अनुभव करें कि आपका कोई भी सहयोग जैन समाज के आर्थिक रूप से असमर्थ बंधुओ के जीवन में कितना बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
2500 रुपए प्रतिमाह या 1000 रुपए प्रतिमाह के सहयोग से आप पंच उपयोग निधि कोष के साथ भी जुड़ सकते हैं। पंच उपयोग निधि कोष में आने वाली आपकी राशि का उपयोग निम्न प्रकार से किया जायेगा :-
1. गौ ग्रास औषधि निधि कोष
इस कोष की राशि का उपयोग दयोदय की गौशालाओं में भूसा भंडारण और Centralized Distribution System के माध्यम से गौ औषधि भेजने में होता है।
2. बेटा बेटी शिक्षा निधि कोष
इस कोष का उपयोग आर्थिक रूप से असमर्थ परिवारों के बच्चों के लिए प्रतिभास्थली और गुरुकुल में शिक्षा में सहयोग के लिए होता हैं। इस सत्र से उन बच्चो के लिए भी शिक्षा में सहयोग शुरू हो रहा है जो अन्य विद्यालय में पढ़ते हैं और उनके पिताजी नही है।
3. बेटा बेटी चिकित्सा निधि कोष
इस कोष का उपयोग 18 वर्ष उम्र तक के उन बच्चों के इलाज में सहयोग होता हैं जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित होते हैं जैसे कैंसर, kidney failure, brain surgery etc.
4. रोजी रोटी निधि कोष
इस कोष का उपयोग आर्थिक रूप से असमर्थ साधर्मी के घर तक राशन भेजने में होता हैं। विद्यांजलि के सहयोग से 21 वस्तुओं के राशन की किट भेजी जाती हैं। इस कोष का दूसरा उपयोग साधर्मी के लिए छोटा स्व रोजगार व्यवस्था बनाने में होता है।
5. व्रती ब्रह्मचारी भैया दीदी कोष
इस कोष का उपयोग भैया दीदी के लिए होता हैं जो संयम पथ पर चल रहे होते हैं। इस कोष की राशि के विविध तरीके से अनेक उपयोग होते हैं। इसका उपयोग भैया दीदी के लिए चिकित्सा, आहार व्यवस्था, तीर्थ यात्रा, जीवन यापन की मूलभूत वस्तुएं इत्यादि में होता है।
पंच उपयोग निधि कोष
पंच उपयोग निधि कोष में उपरोक्त पांचों योजनाओं का समावेश है। इस योजना में आने वाली राशि माह के अंत में पांचों योजनाओं में समान अनुपात में जमा कर दी जाती हैं।
संस्था में भेजी दान राशि पर 80G के अंतर्गत छूट प्राप्त होती है।
अर्हं जीव दया भारत द्वारा वर्ष 2023-24 में दिए गए अनुदान का विवरण
अर्हं जीव दया भारत द्वारा वर्ष 2023-24 में 1 करोड़ 54 लाख 26 हजार 523 रुपए का अनुदान परहित के कार्यों में किया गया। जिसका विवरण निम्न प्रकार है —
माह
अनुदान (रुपए )
अप्रैल
30,08,425
मई
18,09,304
जून
15,12,008
जुलाई
13,49,145
अगस्त
7,55,359
सितंबर
5,82,237
अक्टूबर
14,45,180
नवंबर
10,18,154
दिसंबर
7,15,882
जनवरी
12,82,217
फरवरी
13,15,909
मार्च
6,32,703
कुल राशि
1,54,26,523
Information source -Amit Jain
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अर्हं जीव दया भारत द्वारा वर्ष 2022-23 में दिए गए अनुदान का विवरण
अर्हं जीव दया भारत निरन्तर परोपकार के कार्यों में प्रयत्नशील रहता है। इस संस्था के कार्यों को देखकर न केवल दान देने वालों को गजब की आत्मिक संतुष्टि मिलती है और सहायता प्राप्त करने वालों को खुशी मिलती है बल्कि अन्य सभी का मन भी प्रसन्नता से भर जाता है।
अर्हं जीव दया भारत द्वारा वर्ष 2022-23 में 1 करोड़ 12 लाख रुपए से ज्यादा का अनुदान परहित के कार्यों में किया गया। जिसका विवरण निम्न प्रकार है —
माह
अनुदान (रुपए )
अप्रैल
8,39,840
मई
6,32,100
जून
2,26,454
जुलाई
7,83,668
अगस्त
4,97,520
सितंबर
6,29,386
अक्टूबर
5,33,189
नवंबर
7,49,421
दिसंबर
7,18,180
जनवरी
35,59,379
फरवरी
9,93,072
मार्च
10,90,000
कुल राशि
1,12,52,209
Information source -Amit Jain
प्रति माह किया गया अनुदान
March 2024
अर्हं जीव दया भारत द्वारा मार्च 2024 में किया गया अनुदान एवं व्यय
योजना
अनुदान (रुपए )
गौ ग्रास औषधि निधि कोष
3 लाख 82 हजार 115
बेटा बेटी शिक्षा निधि कोष
1 लाख 32 हजार 305
बेटा बेटी चिकित्सा निधि कोष
39 हजार 153
रोजी रोटी निधि कोष
79 हजार 130
कुल राशि
6 लाख 32 हजार 703
Data source -Amit Jain
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February 2024
अर्हं जीव दया भारत द्वारा फरवरी 2024 में किया गया अनुदान एवं व्यय
योजना
अनुदान (रुपए )
गौ ग्रास औषधि निधि कोष
3 लाख 69 हजार 591
बेटा बेटी शिक्षा निधि कोष
3 लाख 72 हजार 735
बेटा बेटी चिकित्सा निधि कोष
3 लाख 82 हजार 379
रोजी रोटी निधि कोष
67 हजार 364
श्री स्याद्वाद महाविद्यालय
1 लाख 52 हजार 349
कुल राशि
13 लाख 15 हजार 909
Data source -Amit Jain
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January 2024
अर्हं जीव दया भारत द्वारा जनवरी 2024 में किया गया अनुदान एवं व्यय
योजना
अनुदान (रुपए )
गौ ग्रास औषधि निधि कोष
5 लाख 12 हजार 253
बेटा बेटी शिक्षा निधि कोष
4 लाख 12 हजार 908
बेटा बेटी चिकित्सा निधि कोष
1 लाख 89 हजार 500
रोजी रोटी निधि कोष
1 लाख 30 हजार 192
श्री स्याद्वाद महाविद्यालय
37 हजार 364
कुल राशि
12 लाख 82 हजार 217
Data source -Amit Jain
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December 2023
अर्हं जीव दया भारत द्वारा दिसम्बर 2023 में किया गया अनुदान एवं व्यय
अर्हं जीव दया भारत द्वारा दिसम्बर माह में किए गए अनुदान और व्यय का विवरण निम्न प्रकार है–
योजना
अनुदान (रुपए )
गौ ग्रास औषधि निधि कोष
56 हजार 854
बेटा बेटी शिक्षा निधि कोष
5 लाख 06 हजार 500
बेटा बेटी चिकित्सा निधि कोष
15 हजार 000
रोजी रोटी निधि कोष
30 हजार 519
श्री स्याद्वाद महाविद्यालय
1 लाख 07 हजार 009
कुल राशि
7 लाख 15 हजार 882
Data source -Amit Jain
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November 2023
अर्हं जीव दया भारत द्वारा नवम्बर 2023 में किया गया अनुदान एवं व्यय
अर्हं जीव दया भारत द्वारा नवम्बर माह में किए गए अनुदान और व्यय का विवरण निम्न प्रकार है–
योजना
अनुदान (रुपए )
गौ ग्रास औषधि निधि कोष
1 लाख 85 हजार 300
बेटा बेटी शिक्षा निधि कोष
1 लाख 86 हजार 750
बेटा बेटी चिकित्सा निधि कोष
34 हजार 588
रोजी रोटी निधि कोष
1 लाख 04 हजार 500
छत्र चंवर निधि कोष
5 लाख 07 हजार 016
कुल राशि
10 लाख 18 हजार 154
Data source -Amit Jain
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October 2023
अर्हं जीव दया भारत द्वारा अक्टूबर 2023 में किया गया अनुदान एवं व्यय
अर्हं जीव दया भारत द्वारा अक्टूबर माह में किए गए अनुदान और व्यय का विवरण निम्न प्रकार है–
योजना
अनुदान (रुपए )
गौ ग्रास औषधि निधि कोष
2 लाख 22 हजार
बेटा बेटी शिक्षा निधि कोष
1 लाख 74 हजार 254
बेटा बेटी चिकित्सा निधि कोष
99 हजार 530
रोजी रोटी निधि कोष
90 हजार
श्री स्याद्वाद महाविद्यालय
35 हजार 745
छत्र चंवर निधि कोष
8 लाख 23 हजार 651
कुल राशि
14 लाख 45 हजार 180
Data source -Amit Jain
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September 2023
अर्हं जीव दया भारत द्वारा सितम्बर 2023 में किया गया अनुदान एवं व्यय
अर्हं जीव दया भारत द्वारा सितम्बर माह में किए गए अनुदान और व्यय का विवरण निम्न प्रकार है–
योजना
अनुदान (रुपए )
बेटा बेटी शिक्षा निधि कोष
3 लाख 38 हजार 210
बेटा बेटी चिकित्सा निधि कोष
1 लाख 58 हजार 650
रोजी रोटी निधि कोष
39 हजार 100
श्री स्याद्वाद महाविद्यालय
46 हजार 277
कुल राशि
5 लाख 82 हजार 237
Data source -Amit Jain
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August 2023
अर्हं जीव दया भारत द्वारा अगस्त 2023 में किया गया अनुदान एवं व्यय
अर्हं जीव दया भारत द्वारा अगस्त माह में किए गए अनुदान और व्यय का विवरण निम्न प्रकार है–
योजना
अनुदान (रुपए )
गौ ग्रास औषधि निधि कोष
1 लाख 13 हजार 725
बेटा बेटी शिक्षा निधि कोष
2 लाख 84 हजार 450
बेटा बेटी चिकित्सा निधि कोष
36 हजार 676
रोजी रोटी निधि कोष
1 लाख 20 हजार 508
छत्र चंवर निधि कोष
2 लाख
कुल राशि
7 लाख 55 हजार 359
Data source -Amit Jain
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July 2023
अर्हं जीव दया भारत द्वारा जुलाई 2023 में किया गया अनुदान एवं व्यय
अर्हं जीव दया भारत द्वारा जुलाई माह में किए गए अनुदान और व्यय का विवरण निम्न प्रकार है–
योजना
अनुदान (रुपए )
गौ ग्रास औषधि निधि कोष
66 हजार
बेटा बेटी शिक्षा निधि कोष
6 लाख 32 हजार 400
बेटा बेटी चिकित्सा निधि कोष
90 हजार 628
रोजी रोटी निधि कोष
50 हजार 137
श्री स्याद्वाद महाविद्यालय कोष
1 लाख 17 हजार 675
प्रणम्यवाणी देवदूत निधि कोष
3 लाख 92 हजार 305
कुल राशि
13 लाख 49 हजार 145
Data source -Amit Jain
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June 2023
अर्हं जीव दया भारत द्वारा जून 2023 में किया गया अनुदान एवं व्यय
अर्हं जीव दया भारत संस्था ने गौ सेवा एवं साधर्मी सेवा में अपने कदम आगे बढ़ाते हुए, जून माह में बागीदौरा गौशाला में चारा आदि की व्यवस्था की तो खजवती मठ गौशाला में cowshed के निर्माण में सहयोग देकर असहाय गोवंश को वर्षा के कहर से सुरक्षित किया। इसी तरह 50 मूक जीवों (भेड़ बकरों) को मृत्यु के मुँह से निकाल कर जीव दयाघर राजकोट में संरक्षण दिलाया। दूसरी तरफ साधर्मी सेवा के लिए श्री स्याद्वाद महाविद्यालय वराणसी में भोजन व्यवस्था एवं अन्य प्रकार से सहयोग प्रदान किया जिससे जिससे इस महाविद्यालय के प्राचीन गौरव को पुनः स्थापित किया जा सके। इसके साथ ही बालिकाओं की शिक्षा के लिए एक बड़ी राशि का अनुदान भी किया।
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जून माह में अर्हं जीव दया भारत द्वारा किए गए व्यय एवं अनुदान का विवरण इस प्रकार है —
योजना
अनुदान (रुपए )
गौ ग्रास औषधि निधि कोष
1 लाख 83 हजार 285
बेटा बेटी शिक्षा निधि कोष
5 लाख 42 हजार 050
बेटा बेटी चिकित्सा निधि कोष
42 हजार 745
रोजी रोटी निधि कोष
5 हजार 610
जल कुंड निर्माण निधि कोष
1 लाख 56 हजार 300
श्री स्याद्वाद महाविद्यालय कोष
32 हजार 018
प्रणम्यवाणी देवदूत निधि कोष
4 लाख
भेड़ बकरी निधि कोष
1 लाख 50 हजार
कुल राशि
15 लाख 12 हजार 008
Data source -Amit Jain
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May 2023
अर्हं जीव दया भारत द्वारा मई 2023 में किया गया अनुदान एवं व्यय
अर्हं जीव दया भारत संस्था परोपकार के कार्यों में समर्पित रहती है। मई माह में जब दयोदय गौशाला, बागीदौरा में अग्नि दुर्घटना के कारण 400 गोवंश के लिए चारे का संकट खड़ा गया तो ऐसे में अर्हं जीव दया भारत, उनके रक्षक के रूप में सामने आया और तब से ही, समय समय पर हरे चारे की गाड़ियाँ इस गौशाला के लिए भेजी जा रही हैं। इसके साथ ही, कोई भी साधर्मी बेटी आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रह जाए, इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए प्रतिभास्थली में शिक्षा के लिये, बड़ी संख्या में बेटियों की फीस जमा कराई गई। इसके अतिरिक्त, अनेक बच्चों के लिए मेडिकल सहायता, भोपाल में जल कुंड निर्माण में सहयोग, गरीब परिवारों के लिए आहार किट आदि की व्यवस्था भी की गई।
अर्हं जीव दया भारत द्वारा मई माह में किए गए अनुदान और व्यय का विवरण निम्न प्रकार है–
योजना
अनुदान (रुपए )
गौ ग्रास औषधि निधि कोष
1 लाख 04 हजार 510
बेटा बेटी शिक्षा निधि कोष
4 लाख 90 हजार 700
बेटा बेटी चिकित्सा निधि कोष
92 हजार 094
रोजी रोटी निधि कोष
71 हजार
जलकुंड निर्माण निधि कोष
50 हजार
कन्यादान निधि कोष
11 हजार
प्रणम्यवाणी देवदूत निधि कोष
4 लाख
जैन अक्षय भंडार निधि कोष
5 लाख 90 हजार
कुल राशि
18 लाख 09 हजार 304
Data source -Amit Jain
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April 2023
अर्हं जीव दया भारत द्वारा अप्रैल 2023 में किया गया अनुदान
इस संसार में प्राय: लोग जहाँ अपने लिए सोचने में व्यस्त रहते हैं वहीं अर्हं जीव दया भारत ऐसी संस्था है जो सदा दूसरों के बारे में सोचने और कार्य करने में व्यस्त रहती है। सामान्य लोग अपनी आय बढ़ती है तो खुश होते हैं, वहीं यह संस्था दूसरों के ऊपर व्यय करके, उनके लिए अनुदान करके, अपने को सौभाग्यशाली मानती है। अप्रैल माह में अर्हं जीव दया भारत द्वारा कुल 26,08,425 रुपए का अनुदान विभिन्न योजनाओं में किया गया। जिसका विवरण निम्न प्रकार है–
योजना
अनुदान (रुपए )
गौ ग्रास औषधि निधि कोष
10 लाख 47 हजार 480
बेटा बेटी शिक्षा निधि कोष
10 लाख 6 हजार 750
बेटा बेटी चिकित्सा निधि कोष
3 लाख 12 हजार 895
जलकुंड निर्माण निधि कोष
1 लाख 56 हजार 300
रोजी रोटी निधि कोष
85 हजार
कुल राशि
26 लाख 08 हजार 425
Data source -Amit Jain
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1-Apr-2023
अर्हं जीव दया भारत की तरफ से प्रात:काल का पहला हरा चारा
1 अप्रैल 2023, श्री 1008 सुमतिनाथ भगवान जी के मोक्ष कल्याणक महोत्सव के पावन दिवस पर गुरुवर विद्यासागर जीव रक्षाकेंद्र, नंगली पुना, दिल्ली में सुबह का पहला 1000 किलोग्राम हराचारा अर्हं जीव दया भारत की तरफ से दिया गया। इस विडियो में असहाय, मूक, निरीह जीवों को प्रात:काल का पहला हरा चारा खाते देखकर, मन सन्तोष और प्रसन्नता से भर जाता है। अर्हं जीव दया भारत की ओर से पावन अवसरों पर, इस तरह के दान के साथ ही, अनेक तरह के दान के कार्यक्रम भी होते रहते हैं।
श्री तत्त्वार्थ सूत्र Online स्वाध्याय क्यों है अनूठा स्वाध्याय ?
स्वाध्याय वह माध्यम है जिसके द्वारा कोई व्यक्ति अपने बारे में भी जानता है और अपने चारों तरफ की दुनिया की वास्तविकता के बारे में भी जानना सीखता है। श्री तत्त्वार्थ सूत्र ग्रंथराज जैन आगम का सर्व प्रचलित, सर्व प्रसिद्ध और सर्वमान्य ग्रंथ है। सम्पूर्ण जैन आगम इस ग्रंथ में सार रूप में समाया हुआ है। श्री तत्त्वार्थ सूत्र ग्रंथ को जिसने एक बार अच्छे से समझ लिया, उसको जैन आगम के बारे में basic और महत्वपूर्ण ज्ञान हो जाता है। प्रत्येक जैन व्यक्ति एवं परिवार को कम से कम, श्री तत्वार्थ सूत्र ग्रंथ का ज्ञान तो होना ही चाहिए, तभी उनका, इतने पुण्योदय से मिले जैन कुल में, जन्म लेना सफल होगा। आधुनिक समय में यदि हमने विज्ञान, टेक्नोलॉजी आदि अनेक तरह का खूब ज्ञान प्राप्त किया और उसके सहारे जिंदगी में आगे बढ़े, लेकिन हमने उस महत्वपूर्ण ज्ञान को नहीं जाना, जिससे आत्मिक रूप से यह जन्म ही नहीं,बल्कि आगे के जन्म भी सफल हो जाते तो दुर्भाग्य जैसा ही होगा।
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श्री तत्वार्थ सूत्र ग्रंथ को सभी बाल, युवा, वृद्ध सरलता से समझ सकें, उसका चिंतन कर सकें, इसी बात को ध्यान में रखकर, अर्हं गुरुकुलं श्री तत्त्वार्थ सूत्र स्वाध्याय को एक नए और अनोखे रूप में सबके सामने लेकर आया है। स्वाध्याय के क्षेत्र में इसे एक नया innovation, खोज या नया idea कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।
सभी क्षेत्रों में नए नए प्रयोग, ideas, रिर्सच से, जैसे न केवल तेजी से विकास होता है बल्कि एक नयापन भी बना रहता है, वैसे ही स्वाध्याय के क्षेत्र में, इस नए प्रयोग से तत्त्वार्थ सूत्र स्वाध्याय बहुत रुचिकर एवं आकर्षक बन गया है।
इस तत्त्वार्थ सूत्र स्वाध्याय में अनेक ऐसी सुन्दर विशेषताएं हैं जो इसे अनूठा स्वाध्याय बना देती हैं जैसे कि—
(1) यह स्वाध्याय कक्षा, श्री तत्त्वार्थ सूत्र ग्रन्थराज पर, परम पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज द्वारा की गई वाचना पर आधारित है। पूज्य मुनि श्री के प्रवचन तो उनकी अद्भुत, सरल शैली के लिए जाने ही जाते हैं, जिससे कठिन से कठिन, गूढ़ विषय भी अति सरल रूप से समझ में आ जाता है। अर्हं गुरुकुलं ने इन सरल प्रवचनों को नई टेक्नोलॉजी के साथ एवं अनेक माध्यमों से और ज्यादा सरल बना दिया है।
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(2) पूज्य मुनिश्री की तत्त्वार्थ सूत्र वाचना को, इस स्वाध्याय में, एक कक्षा का रूप दे दिया गया है। ऐसा नहीं लगता कि हम स्वाध्याय कर रहे हैं, बल्कि ऐसा अनुभव होता है, जैसे कि हम किसी कक्षा में बैठकर ही कुछ सीख रहे हैं, जिसमें टीचर भी है और साथ में लिखने के लिए Digital बोर्ड भी है।वर्तमान समय में जैसे बच्चे Online Class के माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं, वैसे ही यहां पर विद्यार्थी online class के माध्यम से श्री तत्त्वार्थ सूत्र ग्रंथ का अध्ययन कर रहे हैं।
(3) वाचना को आधुनिक Online class के रूप में प्रस्तुत करने का यह अद्भुत नया प्रयोग है। अनेक तरह के ग्राफिक, एनीमेशन, वीडियो visualization के साथ यह स्वाध्याय कक्षा अनोखी बन गई है।
(4) स्वाध्याय कक्षा की screen पर एक तरफ पूज्य मुनि श्री का वीडियो दिखता है, जिसमें वह तत्त्वार्थ सूत्र को समझा रहे हैं। उसी screen पर साथ में डिजिटल बोर्ड पर महत्वपूर्ण Heading व नोट्स आते रहते हैं, जिससे विषय में एकाग्रता बनी रहती है। डिजिटल बोर्ड पर केवल Black colour से ही नहीं, बल्कि अनेक colours में लेखन दिखता है, जो सुन्दर लगता है।
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(5) इसके साथ ही, जहाँ विषय को अधिक स्पष्ट करने की आवश्यकता होती है, वहाँ वीडियो और ग्राफिक एनिमेशन दिखाई देते हैं। इससे विषय बहुत ही सरल और रुचिकर बन जाता है और मन इतना एकाग्र हो जाता कि उसका कहीं और जाने का मन नहीं करता।
(6) वाचना के साथ चलने वाला visualization ह्रदय को प्रभावित कर जाता है। सभी विषय सरलता से छोटे बच्चों को भी समझ में आ जाते हैं। visualization की स्मृति मस्तिष्क में गहराई से बैठती है तो उसके साथ विषय भी स्मृति में बना रहता है।
(7) visualization को अनेक तरह से आकर्षक बना दिया गया है। कभी स्क्रीन का कलर change होता है, तो कभी उस पर राइटिंग का कलर change हो जाता है। कभी सुन्दर एनिमेशन आ जाते हैं तो कहीं अनेक प्रकार के वीडियो। कुल मिलाकर colourful और variety से भरपूर visualization के साथ ये कक्षाएं सभी को आकर्षित करती हैं। इस कार्य के लिए तत्त्वार्थ सूत्र स्वाध्याय टीम का कठिन परिश्रम बहुत सराहनीय है।
(8) कक्षा के अंत में उस दिन की कक्षा का एक छोटा सा revision होता है और कक्षा के प्रारंभ में भी पूर्व दिन की कक्षा का revision होता है। जिससे की विषय का पूर्ण content स्मृति में रखने में सहायता मिलती हैं। एनिमेशन के साथ, यह quick revision भी सरल बन जाता है।
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(9) कक्षा के अंत में पूज्य मुनि श्री के मधुर स्वर में जिनवाणी स्तुति सुनने और पढ़ने का सौभाग्य भी विद्यार्थियों को मिलता है।
(10) कक्षा में, 1 सवाल भी अंत में पूछा जाता है, जिसका जवाब देने वाले विद्यार्थियों में से, तीन भाग्यशाली विजेताओं को पुरस्कार भी प्रदान किए जाते हैं।
(11) विद्यार्थियों को इसके साथ ही प्रत्येक दिन की, कक्षा की लिखित सामग्री, लिखित summary और अपना मूल्यांकन करने के लिए एक अभ्यास पत्र भी दिया जाता है।
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(12) प्रत्येक अध्याय के समाप्त होने के बाद एक परीक्षा का भी आयोजन किया जाता है। Revision classes एवं अनेक माध्यमों से विद्यार्थियों को इसकी तैयारी भी करा दी जाती है।
(12) स्वाध्याय कक्षा से संबंधित सभी सामग्री इस लिंक पर उपलब्ध है..
निष्कर्ष रूप मे कहा जा सकता है – इस अनूठी Online स्वाध्याय कक्षा में, अनूठे ढंग से अध्ययन करते हुए, विद्यार्थियों को श्री तत्त्वार्थसूत्र जी ग्रन्थ का स्वाध्याय करने का एक नया अभूतपूर्व और अनूठा अनुभव हो रहा है।
वर्तमान समय में जब चारों तरफ भय, चिंता, आशंका और निराशा का वातावरण बना हुआ है, ऐसा लगता है भय और तनाव ने मानव समुदाय को बुरी तरह जकड़ लिया है। इसी निराशा और भय की स्थिति से मानव समुदाय को बाहर निकालने के लिए अर्हं ध्यान द्वारा शुरू की गई Devoid Covid Series किसी अमूल्य उपहार से कम नहीं है। मानव मन में बस गये भय, चिन्ता और Automatic रुप से आने वाले Negative thoughts से छुटकारा दिलाने के लिये ये Series उपयोगी औषधि जैसी ही लाभकारी है।
इस series में कराए गए 15 से 20 मिनट के ध्यान, नई उर्जा और उत्साह से भर देते हैं। ऐसा अहसास होता है, तपती धूप में जल रहे पथिक को जैसे वृक्ष की छाया मिल गई हो। उसको मानसिक रूप से वह relief मिल गया हो जिसकी आज की प्रतिकूल परिस्थिति में सबको बहुत आवश्यकता है।
इसके साथ ही इस series में ध्यान के साथ परम पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज का आशीर्वाद भी ध्यान करने वालों तक automatic रूप से पहुंच जाता है। प्रस्तुत you tube playlist में इस series द्वारा अभ्यास करके अपने को मानसिक, शारीरिक और आत्मिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है।
विश्व प्रसिद्ध अर्हं ध्यान योग देखिए, सीखिए, अभ्यास कीजिए, अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाइये, अपने को शारारिक रुप से स्वस्थ, मानसिक रुप से शान्त, तनाव मुक्त और भावात्मक रुप से मजबूत बनाने में अपनी स्वयं की सहायता कीजिये।
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NEWS HEADLINES
महावीर जयन्ती से पूर्व, वर्तमान शासक नायक भगवान महावीर की स्तुति में, परम पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज द्वारा रचित वर्धमान स्त्रोत की देश भर में मच रही है धूम। भक्त जन कर रहे हैं 21 दिन का पाठ और भक्ति भावों की गंगा में डूबकर कमा रहे हैं अतिशय पुण्य।