परम पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज द्वारा विरचित
विशिष्ट कृति “नई छ्हढाला” की चतुर्थ ढाल पर
पूज्य मुनि श्री की ही अमृतमयी वाणी में
मंगल देशना
-o—–o—–o-
प्रवचन स्थान- अर्हं स्वधर्म शिविर (2022) पनागर (जबलपुर)
.
स्वाध्याय (वाचना) -1
(31-Aug-2022)
सम्यग्ज्ञान कब और कैसे होता है?
सम्यग्ज्ञानी कौन होता है?
चार प्रकार के अनुयोग और ग्रन्थ,
ग्रन्थों का स्वाध्याय कैसे करें?
(काव्य: 1-3)
.
स्वाध्याय (वाचना) -2
(1-Sep-2022)
न्याय ग्रन्थ क्यों पढ़ने चाहिए?
आचार्य श्री समन्तभद्र के ग्रन्थों की विशेषता,
आध्यात्मिक ग्रन्थ कब पढ़ने चाहिए?,
ज्ञान बढ़ाएं-मोह को घटाएं
(काव्य: 4-6)
.
स्वाध्याय (वाचना) -3
(2-Sep-2022)
सप्तव्यसन रहित होता है सम्यग्ज्ञानी,
सम्यग्ज्ञानी के लक्षण,
देशप्रत्यक्ष ज्ञान किसे कहते हैं?
अनेकान्तवाद और स्याद्वाद शैली क्या है?
(काव्य: 7-9)
.
स्वाध्याय (वाचना) -4
(3-Sep-2022)
पदार्थ के विभिन्न गुण-धर्म (उदाहरण सहित)
विवक्षा और नय किसे कहते हैं?
विवक्षा की आवश्यकता क्यों होती है?
(काव्य: 9-10)
.
स्वाध्याय (वाचना) -5
(5-Sep-2022)
स्वचतुष्टय से तात्पर्य,
वस्तु का सत और असत रुप क्या होता है?
सप्तभंग की व्यवस्था (सात प्रकार के प्रश्न),
सप्तभंग को समझें और करें टेंशन दूर
(काव्य: 10-12)
.
स्वाध्याय (वाचना) -6
(6-Sep-2022)
मित्र भी शत्रु बन जाता है, कैसे?
सिक्के के दो पहलू,
विभिन्न प्रकार के नय और उनकी विशेषता,
निश्चयनय और व्यवहारनय में अन्तर,
(काव्य: 12-13)
.
स्वाध्याय (वाचना) -7
(7-Sep-2022)
गुणस्थान के अनुसार निश्चय और व्यवहार की मुख्यता,
सातवे गुणस्थान से होता है निश्चय सम्यग्दर्शन, कैसे?
सम्यग्दर्शन के लिए सम्यक् चारित्र का महत्व,
(काव्य: 14-15)
.
.






