आचार्य श्री नेमिचन्द्र सिद्धान्तचक्रवर्ती द्वारा विरचित
गोम्मटसार (कर्मकाण्ड) ग्रन्थराज पर
परम पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज की
मंगल वाणी में स्वाध्याय वाचना
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अधिकार – 1
प्रकृतिसमुत्कीर्तनाधिकार
स्वाध्याय (वाचना) –
(15-July-2025)
गाथा: 79-86
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स्वाध्याय (वाचना) –
(14-July-2025)
गाथा: 74-78
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स्वाध्याय (वाचना) –
(13-July-2025)
गाथा: 67-73
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स्वाध्याय (वाचना) –
(12-July-2025)
गाथा: 59-66
स्वाध्याय (वाचना) -9
(Jun-2025)
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(गाथा : 27-28)
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स्वाध्याय (वाचना) -8
(Jun-2025)
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(गाथा : -26)
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स्वाध्याय (वाचना) -7
(Jun-2025)
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(गाथा : 22-25)
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स्वाध्याय (वाचना) -6
(Jun-2025)
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(गाथा : 19-21)
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स्वाध्याय (वाचना) -5
(Jun-2025)
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(गाथा : 15-18)
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स्वाध्याय (वाचना) -4
(Jun-2025)
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(गाथा : 10-14)
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स्वाध्याय (वाचना) -3
(Jun-2025)
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(गाथा : 5-9)
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स्वाध्याय (वाचना) -2
(Jun-2025)
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(गाथा : 3-4)
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