सब मिल आओ खुशियाँ मनाओ

सब मिल आओ खुशियाँ मनाओ, संयम स्वर्णिम वर्ष की।
संतशिरोमणि के भक्तों की, बेला आई हर्ष की।

हम सब मिल गाएँ – जय गुरुदेव
हम झूमें नाचें – जय गुरुदेव
सब मंगल गायें – जय गुरुदेव
घर गुरुवर आयें – जय गुरुदेव
ज्ञान गुरु के शिष्य सूरि श्री विद्यासागर की।
संत शिरोमणि के………..

जीवन जाता है – जाने दो
संयम आता है – आने दो
भक्ति मन भाती – भाने दो
स्वर्णिम नव वर्ष – मनाने दो
हम सबके भगवान गुरुवर विद्यासागर की।
संत शिरोमणि के………..

मेरी मन बगिया – महक रही
सबकी चित्त चिड़िया – चहक रही
भक्ति की गंगा – बहक रही
चेतन अनुभूति – चमक रही
संत शिरोमणि महाश्रमण श्री विद्यासागर की
संत शिरोमणि के………..

Posted in Bhajan.

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