परम पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज द्वारा विरचित
विशिष्ट कृति “नई छ्हढाला” की प्रथम ढाल पर
पूज्य मुनि श्री की ही अमृतमयी वाणी में
मंगल देशना
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प्रवचन (वाचना) -1
(काव्य: -1)
नई छहढाला की आवश्यकता क्यों?
मंगलाचरण से ग्रन्थ को परखें,
वीतराग विज्ञान के नाम पर एकान्तवाद का प्रचार
.
प्रवचन (वाचना) -2
(काव्य: 1-2)
संसार में कुछ भी नया क्यों नहीं हैं?
बादर जीव किसे कहते हैं?
पृथ्वीकायिक, पृथ्वीकाय और पृथ्वीजीव में अन्तर
.
प्रवचन (वाचना) -3
(काव्य: -3)
जल कैसे जलकायिक और जलकाय बन जाता है?
प्रासुक जल- थोड़ी हिंसा की मजबूरी पर अधिक पुण्य,
आलू और अदरक की उत्पत्ति में
क्या अन्तर होता है?
.
प्रवचन (वाचना) -4
(काव्य: -4)
सप्रतिष्ठित वनस्पति की पहचान कैसे करें?
निगोद जीव की विशेषताएं और प्रकार,
सभी निगोद जीव श्वास के 18वें भाग में
जन्म-मरण नहीं करते, क्यों?
.
प्रवचन (वाचना) -5
(काव्य: -5)
पर्याप्ति का सॉफ्टवेयर,
पर्याप्ति ही जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि,
मनुष्य का भी होता है श्वास के 18वें भाग
में जन्म-मरण, कैसे?
.
प्रवचन (वाचना) -6
(काव्य: 6-8)
निगोद जीव की खदान,
नई छहढाला और पुरानी छहढाला में अन्तर,
जीवों के क्षुद्र भवों की संख्या,
त्रस और मनुष्य पर्याय की दुर्लभता
.
प्रवचन (वाचना) -7
(काव्य: 9-11)
जन्म-मरण का दुख ही सबसे बड़ा दुख,
दुखों को कैसे कम करें?
मनुष्य जन्म क्यों है दुर्लभ?
देव भी होते हैं दुखी,क्यों?
.
प्रवचन (वाचना) -8
(काव्य: -12)
धर्म बिना मनुष्य जैसे नेत्र बिना मुख,
योग्यता होने पर भी स्वीकार्यता क्यों नहीं मिलती?,
धर्म क्या है बच्चों को कैसे समझाएं?
.
प्रवचन (वाचना) -9
(काव्य: -12)
चन्दन की राख कौन बना रहा है?
मनुष्य जन्म का दुरुपयोग या सदुपयोग,
जो मिला है उसका Misuse नहीं Better Use करें, कैसे?
.
प्रवचन (वाचना) -10
(काव्य: 13-14)
बिल्ली जैसी आसक्ति किसकी हो रही है?
मनुष्य जन्म का सबसे कठिन कार्य क्या?
द्रव्य परावर्तन किसे कहते हैं?
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प्रवचन (वाचना) -11
(काव्य: -15)
क्षेत्र परावर्तन किसे कहते हैं?
हम सिद्धशिला तक भी जा चुके, कैसे?
काल परावर्तन को कैसे समझें?
प्रत्येक समय में कौन जन्म-मरण कर चुका?
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प्रवचन (वाचना) -12
(काव्य: -16)
भव परावर्तन की गणना कैसे होती है?
ग्रैवेयक से ऊपर भव परावर्तन क्यों नहीं?
श्रावक 16 वे स्वर्ग से ऊपर क्यों नहीं जा सकता?
पुरानी छहढाला के Side effects
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प्रवचन (वाचना) -13
(काव्य: -17)
जैन आगम के शाश्वत सिद्धान्त,
अधूरे ज्ञान पर आधारित मुनि-निन्दा के पाप से बचें,
द्रव्य परावर्तन का सम्पूर्ण ज्ञान,
भाव परावर्तन कैसे होता है?
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प्रवचन (वाचना) -14
(काव्य: -17)
मिथ्यात्व और अनन्तानुबन्धी का गठबन्धन
किस जीव में कषाय बनी रहती हैं?
कषाय की मदिरा से कौन है मदहोश?
जीव की विपरीत परिणति
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प्रवचन स्थान- सेक्टर-50 नोएडा, उत्तर प्रदेश (जून2025)













