Site icon मुनि श्री 108 प्रणम्य सागर जी

नई छ्हढाला (ढाल-3)

परम पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज द्वारा विरचित

विशिष्ट कृति “नई छ्हढाला” की तीसरी ढाल पर

पूज्य मुनि श्री की ही अमृतमयी वाणी में

मंगल देशना

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प्रवचन (वाचना) -21
(10-July-2026)
वास्तव में कृतकृत्य कौन होता है?
योग और उपयोग में अन्तर,
भव्य जीव की क्या पहचान होती है?

(काव्य: 16-17)

प्रवचन (वाचना) -20
(9-july-2026)
मोक्षमार्ग में ध्यान का महत्व,
अरिहन्त केवली के कर्म निर्जरा कैसे होती है?

(काव्य: 16-17)

प्रवचन (वाचना) -19
(24-Dec-2022)
शुक्ल ध्यान कब और कैसे होता है?
(काव्य: -16)

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प्रवचन (वाचना) -18
(23-Dec-2022)
अध:करण,अपूर्वकरण,अनिवृत्तिकरण परिणाम
(उदाहरण सहित)

(काव्य: -15)

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दार्शनिक प्रतिक्रमण कैसे करें?
(22-Dec-2022)

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प्रवचन (वाचना) -17
(21-Dec-2022)
आत्मा की विशुद्धि कैसे बढ़ती है?
(काव्य: -14)

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प्रवचन (वाचना) -16
(20-Dec-2022)
शुद्धोपयोग कब होता है एवं अशुभ कर्म के बंध में कमी कैसे करें?
(काव्य: -13)

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प्रवचन (वाचना) -15
(19-Dec-2022)
महाव्रती निर्ग्रंथ जैन साधु की विशेषताएं
(काव्य: -12)

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प्रवचन (वाचना) -14
(18-Dec-2022)
सम्यग्दर्शन के साथ व्रतों को ग्रहण करना
(काव्य: 10-11)

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प्रवचन (वाचना) -13
(17-Dec-2022)
सम्यग्दृष्टि जीव को क्या लाभ मिलते हैं?
(काव्य: -10)

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प्रवचन (वाचना) -12
(16-Dec-2022)
सम्यग्दृष्टि जीव में होते हैं दया, अनुकम्पा और स्नेह भाव
(काव्य: 9-10)

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प्रवचन (वाचना) -11
(14-Dec-2022)
सम्यग्दर्शन प्राप्त करने के लिए कैसे भाव होने चाहिए?
(काव्य: -9)

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प्रवचन (वाचना) -10
(13-Dec-2022)
सम्यग्दृष्टि जीव, निन्दक और प्रतिक्रमण को आवश्यक क्यों मानता है?
(काव्य: -9)

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प्रवचन (वाचना) -9
(12-Dec-2022)
सम्यग्दृष्टि क्या चिन्तन करता है?
(काव्य: -9)

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स्वाध्याय (वाचना) -8
(18-Sep-2025)
सम्यग्दृष्टि क्या चिन्तन करता है?
क्या आप सम्यग्दृष्टि हैं, कैसे पहचानें?
सम्यग्दृष्टि की कुछ विशेषताएं

(काव्य: -8)

स्वाध्याय (वाचना) -7
(17-Sep-2025)
तीसरा गुणस्थान कब होता है?
भावों पर निर्भर करता है गुणस्थान,
श्रावक भी होते हैं द्रव्यलिंगी और भावलिंगी, कैसे?
द्रव्यलिंगी सम्यग्दृष्टि कौन होता है?

(काव्य: -7)

स्वाध्याय (वाचना) -6
(16-Sep-2025)
सासादन गुणस्थान का समय,
अनन्तानुबन्धी कषाय करती है सम्यग्दर्शन का घात,
कषायों की शान्ति के लिए क्या पुरुषार्थ करें?

(काव्य: -6)

स्वाध्याय (वाचना) -5
(12-Sep-2025)
उपशम, क्षयोपशम एवं क्षायिक सम्यग्दर्शन में अन्तर,
वर्तमान में कौन सा सम्यग्दर्शन होता है?
जिनेन्द्र भगवान की भक्ति-सम्यग्दर्शन के
लिए है आवश्यक, क्यों?

(काव्य: -5)

स्वाध्याय (वाचना) -4
(10-Sep-2025)
आपका गुणस्थान कौन सा है?
प्रथम गुणस्थान से सीधे सातवें गुणस्थान में, कैसे?
उपशम सम्यग्दर्शन किसे कहते हैं?

(काव्य: -4)

स्वाध्याय (वाचना) -3
(27-Aug-2025)
पाँच प्रकार का मिथ्यात्व,
Hit और Hate को दूर करता है अनेकान्त दर्शन,
व्यक्ति से नहीं, उसके गुणों से करें राग

(काव्य: -3)

स्वाध्याय (वाचना) -2
(26-Aug-2025)
आत्मिक स्वास्थ्य का वैद्य कौन होता है?
ऊंट जैसी मिथ्यादृष्टि जीव की अज्ञानता,
मिथ्यात्व की पहचान कैसे होती है?

(काव्य: -2)

स्वाध्याय (वाचना) -1
(22-Aug-2025)
भीतर की यात्रा-गुणस्थान की यात्रा,
मोह और योग पर आधारित होते हैं गुणस्थान,
पहला गुणस्थान-खूंटे में बंधी नाव के समान

(काव्य: -1)




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