21-Dec-2024
प्रथम विश्व ध्यान दिवस का आयोजन
गायत्री नगर, जयपुर में प्रथम ध्यान दिवस के अवसर पर पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने अर्हं ध्यान योग का अभ्यास करवाया और अर्हं ध्यान के महत्व से जनमानस को परिचित कराया। इस अवसर पर देश, विदेश से हजारों लोगों ने जुड़कर ध्यान साधना की और आत्मिक शान्ति का अनुभव किया।
.
17-Dec-2024
आगरा में गोवैभवशतकम् कृति पर संगोष्ठी
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज द्वारा रचित अनुपम कृति गोवैभवशतकम् पर आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में अन्तराष्ट्रीय विद्वत संगोष्ठी का आयोजन हुआ। संगोष्ठी का विषय था– संस्कृत शतक काव्य परम्परा में मुनि श्री प्रणम्य सागर जी विरचित “गोवैभवशतकम्” का स्थान। इस अवसर पर उपस्थित विद्वानों को Online माध्यम से पूज्य मुनि श्री के आशीर्वचन सुनने का अवसर भी प्राप्त हुआ।
16-Dec-2024
दशम प्रतिमाधारी संयमी इंदुमती माता जी का हुआ समाधिमरण
जन्म और मृत्यु जीवन का एक अटूट सत्य है। अनेक प्रकार से जीव इस संसार में मृत्यु को प्राप्त करते हैं, लेकिन कुछ भव्य जीव मृत्यु से डरते नहीं, घबराते नहीं बल्कि साहस के साथ उसे स्वीकार करके सल्लेखना, समाधि को ग्रहण करते हैं। ऐसी ही एक भव्य जीव दशम् प्रतिमाधारी संयमी इन्दुमति माता जी थीं जिनका गृहस्थावस्था का नाम इंदिरा बज था, जिनका जीवन देव शास्त्र गुरु के प्रति श्रद्धा, भक्ति, सेवा में समर्पित था और जिन्होंने 7 प्रतिमा व्रत को धारण कर लिया था। असाध्य रोग की परिस्थिति में उन्होंने 47 दिन पूर्व जयपुर में, पूज्य मुनि प्रणम्य सागर जी महाराज के आशीर्वाद, मार्गदर्शन में सल्लेखना ली और केवल जल ग्रहण किया। स्वास्थ्य अधिक प्रतिकूल होने पर, 16 दिसम्बर को प्रातकालः पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने उन्हें सम्बोधन दिया और उसी समय मुनि श्री से 10 वीं प्रतिमा के व्रत भी उनको प्राप्त हुए। उसी दिन दोपहर में 12 बजकर 29 मिनट पर, पूज्य मुनि श्री के मुख से णमोकार मंत्र श्रवण करते हुए, संयमी इंदुमती माता जी ने सल्लेखना पूर्वक समाधिमरण किया और अपने मनुष्य जन्म को सफल बनाते हुए मोक्ष मार्ग की और कदम बढ़ा दिए।
.
10-Dec-2024
10 दिसम्बर 2024 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का, श्री दिगम्बर जैन मन्दिर, महारानी फार्म, गायत्री नगर-ए, जयपुर में हुआ भव्य मंगल प्रवेश।
7-Dec-2024
7 दिसम्बर 2024 को तीन दिन के प्रवास के बाद, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का, श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र बाड़ा पदमपुरा, राजस्थान से मंगल विहार हुआ।
4-Dec-2024
4 दिसम्बर 2024 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का, श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा, राजस्थान में हुआ भव्य मंगल प्रवेश।
.
2-Dec-2024
सांगानेर में, प्रभु चरणों में 7 घंटे ध्यान में लीन रहे पूज्य मुनि श्री
जयपुर चातुर्मास के पश्चात, राधा विहार और सिद्धार्थ विहार में कुछ दिन प्रवास के बाद, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का अतिशय क्षेत्र सांगानेर जी में मंगल आगमन हुआ। पूज्य मुनि श्री ने यहां प्राचीन, चतुर्थकालीन, अतिशयकारी श्री 1008 आदिनाथ भगवान के दर्शन किये। सांय 5:00 बजे पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने पुनः श्री 1008 आदिनाथ भगवान के दर्शन और वन्दना की और वहीं पर ध्यान में बैठ गए। भगवान की अलौकिक एनर्जी और पूज्य मुनि श्री की आत्मिक एनर्जी और दोनों की शुभ, पवित्र वर्गणाओं का ऐसा connection हुआ कि रात्रि की तीव्र ठंड और जिनालय का सर्द मौसम भी, पूज्य मुनि श्री को ध्यान करने से नहीं रोक पाए, पूज्य मुनि श्री 7 घंटे (रात्रि 12:00 बजे) तक, भगवान के समक्ष ध्यान में लीन रहे।
2 दिसम्बर 2024 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का, श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र संघी जी मन्दिर, सांगानेर (जयपुर) राजस्थान में हुआ भव्य मंगल प्रवेश।
.
25-Nov-2024
मानसरोवर, जयपुर से मंगल विहार
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का, चातुर्मास उपरान्त मानसरोवर, जयपुर से आज 25 Nov 2024 को मंगल विहार हुआ। पूज्य मुनि श्री का जयपुर चातुर्मास इतना विविधताओं से भरा रहा कि शायद ही कोई sat- sunday खाली रहा हो, जब किसी कार्यक्रम या शिविर का आयोजन न हुआ हो। ज्ञान, ध्यान और भक्ति के रसों से परिपूर्ण और अनेक कार्यक्रमों, समारोह, विधानों, आयोजनों, शिविरों, सेमिनार, गोष्ठियों और पंच कल्याणक के रंगों से सजा हुआ पूज्य मुनि श्री का, मानसरोवर (जयपुर) का यह ऐतिहासिक चातुर्मास सदा ही स्मरणीय रहेगा।
.
17-Nov-2024
पिच्छिका परिवर्तन समारोह का आयोजन
जयपुर में भव्य पंचकल्याणक महामहोत्सव में मोक्ष कल्याणक के दिन ही, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज संसघ का पिच्छिका परिवर्तन समारोह का आयोजन भी हुआ। हुआ। दूर दूर के नगरों से भी बड़ी संख्या में श्रावक और भक्तगण इस समारोह में पहुंचे। पंचकल्याणक महोत्सव की विशुद्धि, आनन्द, उमंग और उल्लास के बाद, यह पिच्छिका परिवर्तन का समारोह भी बहुत ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।
.
17-Nov-2024
पंचकल्याणक महामहोत्सव का आयोजन
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज का जयपुर चातुर्मास अनेक प्रकार के कार्यक्रमों और आयोजनों की विविधता से भरा रहा। इसी श्रृंखला में, मानसरोवर (जयपुर) में 13 से 17 नवम्बर तक भव्य पंचकल्याणक महामहोत्सव का भी पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में आयोजन हुआ। पंचकल्याणक की सभी मांगलिक क्रियाओं और कार्यक्रमों में जयपुर के श्रावकों ने बहुत ही उत्साह, उमंग और उल्लास के साथ भाग लिया और अपने को धन्य किया। चातुर्मास अवधि में आयोजित हुई श्री पार्श्व कथा को श्रवण करके, मानसरोवर (जयपुर) के भक्तों ने खूब सातिशय पुण्य अर्जित किया और इस पुण्य का ही यह फल था कि इतना शीघ्र ही यहाँ पर भव्य पंचकल्याणक सम्पन्न हुए और श्री 1008 पार्श्वनाथ भगवान की श्वेत पाषाण की दिव्य, मनोहरी प्रतिमा उनके जिनालय में विराजमान हुई या फिर ऐसा कहें मानसरोवर, जयपुर में श्री पार्श्व कथा का ऐसा अतिशय हुआ कि श्री पार्श्व प्रभु ही यहाँ के जिनालय में विराजित हो गये। यह मनोहारी, मनोज्ञ प्रतिमा पूज्य मुनि श्री के जयपुर चातुर्मास और श्री पार्श्व कथा का सदा ही स्मरण दिलाती रहेगी।
.
.
10-Nov-2024
संगोष्ठी का आयोजन
जयपुर नगर को विद्वानों की नगरी के रूप में भी जाना जाता है। पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के चातुर्मास में, यहाँ एक नहीं, अपितु दो विद्वत संगोष्ठियों का आयोजन हुआ। इन संगोष्ठियों में देश के विभिन्न क्षेत्रों से अनेक विद्वानों की गरिमामय उपस्थिति रही। 24 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक, तीन दिवसीय राष्ट्रीय विद्वत संगोष्ठी का आयोजन, महावीर नगर जयपुर में हुआ। इस संगोष्ठी में.. “भारतीय संस्कृति के संवर्द्धन में आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज का अवदान” विषय पर, विद्वानों ने अपने आलेख, विचारों और चिन्तन को प्रस्तुत किया। 9 से 10 नवम्बर तक द्वि दिवसीय द्वितीय राष्ट्रीय इतिहास संगोष्ठी का आयोजन मानसरोवर, जयपुर में हुआ। इस संगोष्ठी में…“प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा में जैन धर्म” विषय पर विद्वान वर्ग द्वारा चिन्तन, मनन और मंथन किया गया। इन दोनों संगोष्ठियों में, पूज्य मुनि श्री ने भी अपना उद्बोधन दिया और उपस्थित विद्वतवर्ग एवं जनसमुदाय को प्रेरणा और अमूल्य मार्गदर्शन प्रदान किया।
.
20-Oct-2024
अक्टूबर माह के अन्य आयोजन
अक्टूबर माह में अनेक कार्यक्रमों की श्रंखला में, अर्हं अभ्युदय शिविर और महामह नंदीश्वर विधान का आयोजन भी जयपुर में हुआ। 12 – 13 oct को सम्पन्न हुई अर्हं अभ्युदय की दो दिवसीय वर्कशॉप में जहाँ एक ओर मेधावी युवाओं को, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज और अनेक क्षेत्र के एक्सपर्ट द्वारा जीवन के लिए उपयोगी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। दूसरी ओर, 13 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक आयोजित महामह नंदीश्वर विधान में जयपुरवासी अष्टान्हिका पर्व आने से पूर्व ही, भक्ति रस की वर्षा में भीग भीग कर आनन्दित हो गए।
.
6-Oct-2024
प्राकृत शिविर का आयोजन
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में वार्षिक प्राकृत प्रशिक्षण शिविर और दीक्षान्त समारोह का आयोजन जयपुर में हुआ। प्राकृत भाषा के विकास और प्रचार के लिए, प्राकृत टीम द्वारा किए सराहनीय कार्यों के बारे में जानने का अवसर समाज को मिला। इस अवसर पर टीम द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह की शोभा बढ़ा दी। इस शिविर के माध्यम से प्राकृत भाषा को जानने, पढ़ने और उसकी प्राचीनता के बारे में ज्ञान प्राप्त करके, जन समुदाय का ध्यान प्राकृत भाषा की ओर आकर्षित हुआ।
.
5-Oct-2024
अर्हं ध्यान योग-आयकर-जीएसटी पर सेमिनार
5 अक्टूबर 2024 को भट्टारक जी की नसिंया, जयपुर में आयकर, जीएसटी और अर्हं ध्यान योग से सम्बन्धी सेमिनार का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा जी ने इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने सम्बोधन में माननीय मुख्यमंत्री जी ने देश और प्रदेश की आर्थिक मजबूती में चार्टर्ड अकाउन्टेंट समूह की भूमिका की सराहना की। वहीं पूज्य मुनि श्री ने उपस्थित जनसमूह को जीवन में अर्हं भाव को आत्मसात करने और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से आत्मउन्नति करने के लिए मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्रदान किया।
.
.
2-Oct-2024
अर्हं ध्यान योग का आयोजन (2 Oct 2024)
तन को निरोगी, मन को प्रसन्न और आत्मिक शान्ति को जीवन में कैसे प्राप्त किया जा सकता है। इस ज्ञान को प्राप्त करने के लिए और इसका अभ्यास करने के लिए, अर्हं ध्यान योग प्रणेता मुनि श्री 108 प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में, जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में 2 अक्टूबर 2024 को प्रात: 5 से 7 बजे तक, अर्हं ध्यान योग का आयोजन किया गया। इस आयोजन में लगभग 20 हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इतने विशाल जनसमूह के मध्य प्रात:काल की अमृत बेला में जब अर्हं ध्यान योग प्रारम्भ हुआ तो सम्पूर्ण वातावरण अद्भुत positive energy से भर गया। एक नहीं, अपितु तीन इतिहास इस अविस्मरणीय Event के साथ रचे गए- जयपुर में इस तरह का आयोजन प्रथम बार हुआ, जयपुर वासियों के लिए तो ये क्षण सदैव स्मरणीय रहेंगे। दूसरे, सवाई मानसिंह स्टेडियम के लिए भी इतिहास रच गया कि यहाँ तपस्वी जैन सन्त के पावन चरण पड़े और क्रिकेट मैच के समय हर्ष या विषाद से भर जाने वाला यह स्टेडियम, आज अलौकिक आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। तीसरे, इतने अपार जनसमूह ने एक साथ अर्ह ध्यान योग किया, ये भी स्वयं में एक इतिहास लिखा गया।
.
.
18-Sep-2024
अर्हं स्वधर्म शिविर 2024
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में दसलक्षण पर्व के अवसर पर, जयपुर में अर्हं स्वधर्म शिविर का आयोजन बहुत ही उत्साह, आनन्द और उमंग के साथ सम्पन्न हुआ। इस शिविर में भाग लेने के लिए दूर स्थानों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचें। 1800 से भी ज्यादा शिविरार्थियों ने इस शिविर में भाग लिया। प्रतिदिन सुबह ध्यान की पॉजिटिव एनर्जी और आत्मिक शान्ति के साथ शुरू हुआ शिविर, शाम को आरती और भक्ति के रंगों से सज जाता था। शिविर में योग और ध्यान, पूजा और विधान, स्वाध्याय और ज्ञान, सामायिक और प्रतिक्रमण आदि का प्रतिदिन भक्तों ने लाभ लिया और इनका अभ्यास करके, अपने लिए आध्यात्मिक संस्कारों और पुण्य दोनों का अर्जन किया।
.
5-Sep-2024
चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शान्तिसागर जी महाराज भक्ति स्तुति
मानसरोवर जयपुर में, चारित्र चक्रवर्ती समाधि सम्राट आचार्य श्री शान्तिसागर जी महाराज के समाधि दिवस के अवसर पर, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में श्रावकों ने पूजा, भक्ति, स्तुति करके अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए । पूज्य मुनि श्री द्वारा रचित कृति स्तुतिशतकम् के माध्यम से आचार्य श्री शान्ति सागर जी महाराज की स्तुति के साथ ही उनकी जीवन यात्रा, कठिन तप , त्याग और जैन समाज के लिए उनके अभूतपूर्व उपकार के बारे में जानने का लाभ भी जन समुदाय को इस अवसर पर प्राप्त हुआ।
.
31-Aug-2024
अगस्त माह के आयोजन
जयपुर में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में, अगस्त माह में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। प्रात: काल श्रावकों को श्री पार्श्वकथा श्रवण करने का सौभाग्य मिल रहा है, तो दोपहर 3:00 बजे पंचास्तिकाय स्वाध्याय में पंचास्तिकाय जैसे महान ग्रंथ को अत्यन्त सरल और सुगम भाषा में समझने का परम सौभाग्य भी प्राप्त हो रहा है। पूज्य मुनि श्री द्वारा रचित श्री वर्धमान स्तोत्र और 31 अगस्त को श्री मुनिसुव्रतनाथ विधान का आयोजन भी यहां हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लेकर पुण्य संचय किया। इसके अतिरिक्त अर्हं स्वात्म साधना शिविर, अर्हं अंतरप्पा शिविर, अर्हं ध्यान योग कार्यक्रम और Arham Corporate Retreat का भी आयोजन अगस्त माह में किया गया। इन सभी कार्यक्रमों में शिविरार्थियों ने अनेक तरह से लाभ लिया और जीवन के लिए उपयोगी मार्गदर्शन को प्राप्त किया।
.
28-July-2024
चातुर्मास कलश स्थापना समारोह
परम पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के रूप में ज्ञान और ध्यान की अविरल धारा मध्य प्रदेश के विभिन्न नगरों को लाभान्वित करती हुई, जब राजस्थान की धरा पर पहुंची तो राजस्थान के जैन श्रावकों मे हर्ष की लहर दौड़ गई। पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ के पावन वर्षायोग 2024 का सौभाग्य राजस्थान की राजधानी जयपुर को प्राप्त हुआ। 28 जुलाई को मानसरोवर के मीरा मार्ग स्थित आदिनाथ भवन में मंगल चातुर्मास कलश स्थापना का कार्यक्रम बहुत ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।
.
22-July-2024
चातुर्मास के लिए मानसरोवर (जयपुर) में हुआ भव्य मंगल प्रवेश
13-July-2024
अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी (राजस्थान) में मंगल आगवानी
चातुर्मास नगरी की दिशा में विहार करते हुए, 13 जुलाई को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ), श्री महावीर जी अतिशय क्षेत्र पहुंचे। यहाँ पर श्रावकों और भक्तों ने बहुत हर्ष और उल्लास के साथ मुनि संघ की भव्य आगवानी की। वर्धमान महावीर भगवान की भक्ति जिनके हृदय से बाहर निकल कर आई तो अदभुत वर्धमान स्तोत्र की रचना हो गई। ऐसे पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने जब अतिशकारी महावीर भगवान के दर्शन किए तो भावविभोर हो गए जैसे कि वर्षों बाद किसी अपने से मिल रहे हो।
भगवान महावीर के चरणों में वर्धमान स्तोत्र के रचियता को पाकर उपस्थित जनसमूह भी उत्साह से भर गया, सभी के लिये ये अविस्मरणीय पल थे। इसके पश्चात भगवान के समक्ष, पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में ही वर्धमान स्तोत्र का पाठ किया गया। इस अवसर पर जयपुर के श्रावकों द्वारा चातुर्मास के लिए श्रीफल भी अर्पित किया गया।
2-July-2024
ग्वालियर में गोपाचल पर्वत पर दर्शन
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) 30 जून को ग्वालियर पहुंचे। 3 दिन के लिए यहाँ के श्रावकों को पूज्य मुनि श्री का मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ। इस प्रवास की अवधि में पूज्य मुनि श्री ने ग्वालियर के जिनालयों के दर्शन किए, 1 जुलाई को पूज्य मुनि श्री सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक गोपाचल पर्वत पहुंचे और वहाँ स्थित प्राचीन विशाल जिनबिम्बों के दर्शन किए। गोपाचल पर्वत पर पूज्य मुनि श्री को देख श्रावकजन भी हर्षित हो उठे। 2 जुलाई को पूज्य मुनि के सानिध्य में श्री वर्धमान स्तोत्र का आयोजन ग्वालियर में किया गया। इस अवसर पर श्रावकों ने पूज्य मुनि श्री से चातुर्मास के लिए भी निवेदन किया।
.
मंगल चातुर्मास कलश स्थापना का कार्यक्रम बहुत ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।
23-Jun-2024
अर्हं ध्यान योग कार्यक्रम (झांसी)
चातुर्मास स्थल की तरफ विहार करते हुए, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का झांसी में 5 दिन का प्रवास रहा। पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में यहां 23 जून को अर्हं ध्यान योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया । झांसी के साथ साथ दिल्ली, आगरा आदि दूर स्थानों से भी, अनेकों भक्तजन इस कार्यक्रम में उपस्थित हुए। पूज्य मुनि श्री से पंच मुद्रा,नई अर्हं clapping और धैर्य, क्षमा और ध्यान के बारे में ज्ञान और मार्गदर्शन प्राप्त कर उपस्थित जनसमूह नई ऊर्जा और उत्साह से भर गया।
.
झांसी लघु प्रवास की अवधि में, इससे पूर्व महावीर चौक कटरा स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में वेदी प्रतिष्ठा, जिनबिम्ब स्थापना और कलशारोहण समारोह भी पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में संपन्न हुआ।
मंगल विहार
पूज्य मुनि प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का 23 जून को शाम 5 बजे झांसी से मंगल विहार हुआ।
19-Jun-2024
झाँसी (उत्तर प्रदेश) में मंगल प्रवेश
छतरपुर से नौगांव, मऊरानीपुर, सकरार और बरुआ सागर होते हुए, विहार के 11 दिन पश्चात पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का का 19 जून को झाँसी (उत्तर प्रदेश) में मंगल प्रवेश हुआ। इस प्रकार मध्य प्रदेश से विहार करते हुए, पुन: एक बार, पूज्य मुनि श्री का उत्तर प्रदेश की धरा पर मंगल आगमन हुआ । इससे पूर्व जनवरी 2024 में पूज्य मुनि श्री का बांदा (उत्तर प्रदेश ) में कुछ समय के लिए प्रवास रहा था ।
.
8-Jun-2024
छतरपुर (मध्य प्रदेश) से 5 दिन के लघु प्रवास के पश्चात, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का मंगल विहार हुआ।
.
3-Jun-2024
छतरपुर (मध्य प्रदेश) में मंगल प्रवेश
खजुराहो से 3 दिन के विहार के पश्चात, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का आज 3 जून को धर्मनगरी छतरपुर में मंगल प्रवेश हुआ। छतरपुर में पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज द्वारा ही रचित, श्री शान्तिनाथ पूजा विधान, श्री वर्धमान स्तोत्र विधान एवं श्री मुनिसुव्रत नाथ विधान करने का सौभाग्य श्रावकों को प्राप्त हुआ।
31-May-2024
खजुराहो से मंगल विहार
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का आज खजुराहो से मंगल विहार हुआ। पूज्य मुनि श्री का यहाँ 23 दिवसीय प्रवास रहा। इस लघु प्रवास की अवधि में भी पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में, यहाँ अनेक कार्यक्रम आयोजित हुए जिसमें अर्हं ध्यान योग शिविर और 5 दिवसीय अर्हं स्वात्म साधना शिविर प्रमुख रहा। इसके साथ ही संत शिरोमणि आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महाराज द्वारा रचित ग्रन्थ सुनीतिशतकम् पर, पूज्य मुनि श्री के प्रवचन श्रवण करने का सौभाग्य, यहाँ भक्तजन को प्राप्त हुआ।
.
13-May-2024
अर्हं ध्यान योग शिविर का आयोजन
ऐतिहासिक स्थल लाल किला दिल्ली, और ताजमहल आगरा के प्रांगण में, बड़े स्तर पर अर्हं ध्यान योग शिविर के सफल आयोजन के बाद, प्राचीन सांस्कृतिक नगरी खजुराहो के पश्चिमी मन्दिर समूह स्थल पर, अर्हं ध्यान योग प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में योग एवं ध्यान शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 3000 लोगों ने अर्हं ध्यान योग किया। जहाँ एक ओर दूर क्षेत्रों से लोग इस कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों और खजुराहो घूमने आए देशी-विदेशी पर्यटकों ने भी इस कार्यक्रम में आनन्द और उत्साह से भाग लिया । यह कार्यक्रम, योग दिवस 2024 के 39 days countdown के उपलक्ष्य में आयुष मंत्रालय, भारत सरकार और ओं अर्हं सोशल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया
.
8-May-2024
खजुराहो (मध्य प्रदेश) में मंगल प्रवेश
श्री सिद्ध क्षेत्र कुण्डलपुर से जब मुनि संघ के विहार शुरू हुए तो सभी को ये उत्सुकता रही कि अब कौन से मुनि संघ का, किस दिशा में विहार होगा।पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का विहार खजुराहो मध्य प्रदेश की दिशा में हुआ। कुण्डलपुर से विहार के 11 दिन बाद आज खजुराहो मध्य प्रदेश में मंगल प्रवेश हुआ। खजुराहो में पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में श्री शान्तिनाथ विधान का आयोजन हुआ और अक्षय तृतीया पर्व को मनाया गया।
.
27-April-2024
श्री सिद्ध क्षेत्र कुण्डलपुर से मंगल विहार
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का आज श्री 1008 बड़े बाबा आदिनाथ भगवान कुण्डलपुर, सिद्ध क्षेत्र से मंगल विहार हुआ। यहां पूज्य मुनि श्री का कुल 27 दिवस का प्रवास रहा। 16 अप्रैल को संपन्न हुए आचार्य पद पदारोहण महोत्सव के लिए, 1 अप्रैल 2024 को पूज्य मुनि श्री का कुण्डलपुर में मंगल प्रवेश हुआ था। यहां बड़े बाबा श्री आदिनाथ भगवान की छत्र छाया और समस्त संघ के सानिध्य का दुर्लभ अवसर पूज्य मुनि श्री (ससंघ) को प्राप्त हुआ।
.
24-April-2024
पूज्य मुनि श्री ने किए केशलोंच
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने आज प्रात: काल कुण्डलपुर सिद्ध क्षेत्र पर, जैन साधु की कठिन तपस्या केशलोंच क्रिया को संपन्न किया।
.
1-April-2024
श्री सिद्ध क्षेत्र कुण्डलपुर (मध्य प्रदेश) में भव्य मंगल प्रवेश
पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज और पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (संसघ) का आज बड़े बाबा श्री 1008 आदिनाथ भगवान कुण्डलपुर सिद्ध क्षेत्र, दमोह (मध्य प्रदेश) में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। पूज्य मुनिद्वय की मंगल आगवानी के लिए विशाल जनसमूह उपस्थित रहा। श्रावकों द्वारा चरण प्रक्षालन, चरण वन्दना, मंगल आरती, मंगल कलश, ध्वज पताकाओं आदि के द्वारा पूज्य मुनिद्वय का स्वागत किया गया । कुण्डलपुर पहुंचने पर समस्त मुनिसंघ से द्वय मुनिराज का मंगल मिलन हुआ। मंगल प्रवेश के साथ कुण्डलपुर में चारो तरफ उत्साह और हर्षोल्लास का वातावरण देखने को मिला । इस भव्य मंगल प्रवेश ने एक तरफ 2022 में हुए महामहोत्सव की याद दिला दी तो दूसरी तरफ ऐसा लगा जैसे 16 अप्रैल को होने वाले आचार्य पद पदारोहण महोत्सव का जैसे आज से शुभारम्भ हो गया है।
31-Mar-2024
वात्सल्य मंगल मिलन (कुम्हारी जिला दमोह)
प्राचीन काल से ही जैन आगम में योग का बहुत महत्वपूर्ण स्थान रहा है। इसी योग को नया रूप प्रदान करके, जिनागम की अपूर्व प्रभावना करने वाले द्वय ऋषिराज, भावना योग प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज और अर्हं योग प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज का कुण्डलपुर की ओर विहार करते हुए, आज कुम्हारी जिला दमोह में वात्सल्य मंगल मिलन हुआ। एक लम्बे समय बाद द्वय मुनिराज के मंगल मिलन को देखकर, ऐसा प्रतीत हुआ जैसे योग की दो धाराओं का ही आज मंगल योग (मिलन) हुआ हो। इस भव्य मंगल मिलन का दृश्य इतना मनमोहक था कि वहाँ उपस्थित जनसमूह आनन्दित हो उठा और द्वय मुनिराज के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
25-Mar-2024
श्री महामह नंदीश्वर द्वीप विधान का आयोजन (कटनी, मध्यप्रदेश)
कटनी (मध्यप्रदेश) में 17-24 मार्च तक पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में भक्ति और उत्साह के रंगों और हर्षोल्लास के साथ श्री महामह नंदीश्वर द्वीप विधान सम्पन्न हुआ । अष्टान्हिका पर्व से सम्बन्धित मैना सुन्दरी का नाम तो सभी जानते हैं लेकिन रानी उर्विला और नंदीश्वर पर्व में उनके संकल्प के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। इस विधान में भक्तों को न केवल जिनधर्म प्रभावना में रानी उर्विला के योगदान से परिचित होने को अवसर मिला बल्कि अनेक श्राविकाओं को रानी उर्विला के पद को प्राप्त करने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ। विधान में चयनित रानी उर्विला द्वारा रथोत्सव का आयोजन किया गया।
25 मार्च को सामयिक के बाद पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का कटनी से मंगल विहार हुआ।
.
16-Mar-2024
कटनी (मध्य प्रदेश) में मंगल प्रवेश
पन्ना (मध्यप्रदेश) में 10 दिन प्रवास के बाद पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का विहार 10 मार्च को कटनी की तरफ शुरू हुआ। 16 मार्च को पूज्य मुनि श्री ससंघ का कटनी ( मध्य प्रदेश) में मंगल प्रवेश हुआ।
24-Feb-2024
देवेन्द्र नगर में मंगल प्रवेश
गुरुचरणों की और बढ़ते हुए, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का प्रवास कुछ दिन अजयगढ़ में रहा। पुनः गुरु महाराज की अस्वस्थता के बारे में पता चला तो 14 Feb को फिर से मुनि श्री का विहार तेजी से गुरु चरणों की तरफ हुआ। पवई तक ही मुनि श्री पहुंचे थे कि आचार्य श्री की सल्लेखना समतापूर्वक समाधि का समाचार सुनकर स्तंभित और दुखी मन के साथ कदम रुक गए। कुछ दिन पवई में रुकने के बाद मुनि श्री का विहार देवेन्द्र नगर की तरफ हुआ। यहां पर 25 Feb को पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में विनयांजलि सभा का आयोजन हुआ। देवेन्द्र नगर में 6 दिन के प्रवास के बाद 29 Feb को पूज्य मुनि श्री का विहार पन्ना (मध्यप्रदेश) के लिए हुआ।
6-Feb-2024
अजयगढ़ (पन्ना) मध्य प्रदेश में मंगल आगमन
6 फरवरी 2024 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का मंगल आगमन अजयगढ़ (पन्ना) मध्य प्रदेश में हुआ। यहां 7 फरवरी को पूज्य मुनि श्री ने केशलोंच किया। 9 फरवरी को पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में श्री मुनिसुव्रतनाथ-जिनस्तोत्रकम् स्तुति विधान का आयोजन भी किया गया। इस विधान को एक नए तरह से सम्पन्न किया गया और अनेक तरह की सुन्दर वन्दन माला, स्तुति करते हुए भगवान के चरणों में समर्पित की गई।
केशलोंच के बाद ध्यान में लीन पूज्य मुनि श्री
.
.
31-Jan-2024
बाँदा (उत्तरप्रदेश) से मंगल विहार
आज पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (संसघ) का बांदा से मंगल विहार हुआ। लगभग एक माह 21 दिन (52 दिन) का पूज्य मुनि श्री का सानिध्य बांदा जैन समाज को प्राप्त हुआ। इस अवधि में योग शिविर में भाग लेने और श्री राम कथा श्रवण करने का शुभ अवसर श्रावकों को प्राप्त हुआ।
.
1-Jan-2024
चौबीस तीर्थंकर स्तुति विधान का आयोजन
नव वर्ष के अवसर पर बाँदा (उत्तर प्रदेश) में पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में चतुर्विंशति जिनस्तोत्रशतकम्(24 तीर्थंकर स्तुति विधान ) का आयोजन हुआ। यह विधान पूज्य मुनि श्री द्वारा ही रचित है। विमोचन के बाद प्रथम बार इस विधान को पूज्य मुनि श्री के ही सानिध्य में करने का सौभाग्य बाँदा जैन समाज को प्राप्त हुआ। संस्कृत और हिंदी में रचित विधान के पदों को पूज्य मुनि श्री की मधुर वाणी में श्रवण कर भक्तजन प्रफुल्लित हो उठे।
.
.

