Site icon मुनि श्री 108 प्रणम्य सागर जी

पूज्य मुनि श्री (News Update)



21-Dec-2024

प्रथम विश्व ध्यान दिवस का आयोजन


17-Dec-2024

आगरा में गोवैभवशतकम् कृति पर संगोष्ठी


16-Dec-2024

दशम प्रतिमाधारी संयमी इंदुमती माता जी का हुआ समाधिमरण

जन्म और मृत्यु जीवन का एक अटूट सत्य है। अनेक प्रकार से जीव इस संसार में मृत्यु को प्राप्त करते हैं, लेकिन कुछ भव्य जीव मृत्यु से डरते नहीं, घबराते नहीं बल्कि साहस के साथ उसे स्वीकार करके सल्लेखना, समाधि को ग्रहण करते हैं। ऐसी ही एक भव्य जीव दशम् प्रतिमाधारी संयमी इन्दुमति माता जी थीं जिनका गृहस्थावस्था का नाम इंदिरा बज था, जिनका जीवन देव शास्त्र गुरु के प्रति श्रद्धा, भक्ति, सेवा में समर्पित था और जिन्होंने 7 प्रतिमा व्रत को धारण कर लिया था। असाध्य रोग की परिस्थिति में उन्होंने 47 दिन पूर्व जयपुर में, पूज्य मुनि प्रणम्य सागर जी महाराज के आशीर्वाद, मार्गदर्शन में सल्लेखना ली और केवल जल ग्रहण किया। स्वास्थ्य अधिक प्रतिकूल होने पर, 16 दिसम्बर को प्रातकालः पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने उन्हें सम्बोधन दिया और उसी समय मुनि श्री से 10 वीं प्रतिमा के व्रत भी उनको प्राप्त हुए। उसी दिन दोपहर में 12 बजकर 29 मिनट पर, पूज्य मुनि श्री के मुख से णमोकार मंत्र श्रवण करते हुए, संयमी इंदुमती माता जी ने सल्लेखना पूर्वक समाधिमरण किया और अपने मनुष्य जन्म को सफल बनाते हुए मोक्ष मार्ग की और कदम बढ़ा दिए।


10-Dec-2024

 10 दिसम्बर 2024 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का, श्री दिगम्बर जैन मन्दिर, महारानी फार्म, गायत्री नगर-ए, जयपुर में हुआ भव्य मंगल प्रवेश।

7-Dec-2024

 7 दिसम्बर 2024 को तीन दिन के प्रवास के बाद, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का, श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र बाड़ा पदमपुरा, राजस्थान से मंगल विहार हुआ।

4-Dec-2024

 4 दिसम्बर 2024 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का, श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा, राजस्थान में हुआ भव्य मंगल प्रवेश।

2-Dec-2024

सांगानेर में, प्रभु चरणों में 7 घंटे ध्यान में लीन रहे पूज्य मुनि श्री

जयपुर चातुर्मास के पश्चात, राधा विहार और सिद्धार्थ विहार में कुछ दिन प्रवास के बाद, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का अतिशय क्षेत्र सांगानेर जी में मंगल आगमन हुआ। पूज्य मुनि श्री ने यहां प्राचीन, चतुर्थकालीन, अतिशयकारी श्री 1008 आदिनाथ भगवान के दर्शन किये। सांय 5:00 बजे पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने पुनः श्री 1008 आदिनाथ भगवान के दर्शन और वन्दना की और वहीं पर ध्यान में बैठ गए। भगवान की अलौकिक एनर्जी और पूज्य मुनि श्री की आत्मिक एनर्जी और दोनों की शुभ, पवित्र वर्गणाओं का ऐसा connection हुआ कि रात्रि की तीव्र ठंड और जिनालय का सर्द मौसम भी, पूज्य मुनि श्री को ध्यान करने से नहीं रोक पाए, पूज्य मुनि श्री 7 घंटे (रात्रि 12:00 बजे) तक, भगवान के समक्ष ध्यान में लीन रहे।

 2 दिसम्बर 2024 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का, श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र संघी जी मन्दिर, सांगानेर (जयपुर) राजस्थान में हुआ भव्य मंगल प्रवेश।

25-Nov-2024

मानसरोवर, जयपुर से मंगल विहार


17-Nov-2024

पिच्छिका परिवर्तन समारोह का आयोजन

जयपुर में भव्य पंचकल्याणक महामहोत्सव में मोक्ष कल्याणक के दिन ही, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज संसघ का पिच्छिका परिवर्तन समारोह का आयोजन भी हुआ। हुआ। दूर दूर के नगरों से भी बड़ी संख्या में श्रावक और भक्तगण इस समारोह में पहुंचे। पंचकल्याणक महोत्सव की विशुद्धि, आनन्द, उमंग और उल्लास के बाद, यह पिच्छिका परिवर्तन का समारोह भी बहुत ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।


17-Nov-2024

पंचकल्याणक महामहोत्सव का आयोजन

पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज का जयपुर चातुर्मास अनेक प्रकार के कार्यक्रमों और आयोजनों की विविधता से भरा रहा। इसी श्रृंखला में, मानसरोवर (जयपुर) में 13 से 17 नवम्बर तक भव्य पंचकल्याणक महामहोत्सव का भी पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में आयोजन हुआ। पंचकल्याणक की सभी मांगलिक क्रियाओं और कार्यक्रमों में जयपुर के श्रावकों ने बहुत ही उत्साह, उमंग और उल्लास के साथ भाग लिया और अपने को धन्य किया। चातुर्मास अवधि में आयोजित हुई श्री पार्श्व कथा को श्रवण करके, मानसरोवर (जयपुर) के भक्तों ने खूब सातिशय पुण्य अर्जित किया और इस पुण्य का ही यह फल था कि इतना शीघ्र ही यहाँ पर भव्य पंचकल्याणक सम्पन्न हुए और श्री 1008 पार्श्वनाथ भगवान की श्वेत पाषाण की दिव्य, मनोहरी प्रतिमा उनके जिनालय में विराजमान हुई या फिर ऐसा कहें मानसरोवर, जयपुर में श्री पार्श्व कथा का ऐसा अतिशय हुआ कि श्री पार्श्व प्रभु ही यहाँ के जिनालय में विराजित हो गये। यह मनोहारी, मनोज्ञ प्रतिमा पूज्य मुनि श्री के जयपुर चातुर्मास और श्री पार्श्व कथा का सदा ही स्मरण दिलाती रहेगी।


10-Nov-2024

संगोष्ठी का आयोजन



20-Oct-2024

अक्टूबर माह के अन्य आयोजन

अक्टूबर माह में अनेक कार्यक्रमों की श्रंखला में, अर्हं अभ्युदय शिविर और महामह नंदीश्वर विधान का आयोजन भी जयपुर में हुआ। 12 – 13 oct को सम्पन्न हुई अर्हं अभ्युदय की दो दिवसीय वर्कशॉप में जहाँ एक ओर मेधावी युवाओं को, पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज और अनेक क्षेत्र के एक्सपर्ट द्वारा जीवन के लिए उपयोगी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। दूसरी ओर, 13 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक आयोजित महामह नंदीश्वर विधान में जयपुरवासी अष्टान्हिका पर्व आने से पूर्व ही, भक्ति रस की वर्षा में भीग भीग कर आनन्दित हो गए।


6-Oct-2024

प्राकृत शिविर का आयोजन

पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में वार्षिक प्राकृत प्रशिक्षण शिविर और दीक्षान्त समारोह का आयोजन जयपुर में हुआ। प्राकृत भाषा के विकास और प्रचार के लिए, प्राकृत टीम द्वारा किए सराहनीय कार्यों के बारे में जानने का अवसर समाज को मिला। इस अवसर पर टीम द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह की शोभा बढ़ा दी। इस शिविर के माध्यम से प्राकृत भाषा को जानने, पढ़ने और उसकी प्राचीनता के बारे में ज्ञान प्राप्त करके, जन समुदाय का ध्यान प्राकृत भाषा की ओर आकर्षित हुआ।


5-Oct-2024

अर्हं ध्यान योग-आयकर-जीएसटी पर सेमिनार


2-Oct-2024

अर्हं ध्यान योग का आयोजन (2 Oct 2024)


18-Sep-2024

अर्हं स्वधर्म शिविर 2024


5-Sep-2024

चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शान्तिसागर जी महाराज भक्ति स्तुति


31-Aug-2024

अगस्त माह के आयोजन


28-July-2024

चातुर्मास कलश स्थापना समारोह

परम पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के रूप में ज्ञान और ध्यान की अविरल धारा मध्य प्रदेश के विभिन्न नगरों को लाभान्वित करती हुई, जब राजस्थान की धरा पर पहुंची तो राजस्थान के जैन श्रावकों मे हर्ष की लहर दौड़ गई। पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ के पावन वर्षायोग 2024 का सौभाग्य राजस्थान की राजधानी जयपुर को प्राप्त हुआ। 28 जुलाई को मानसरोवर के मीरा मार्ग स्थित आदिनाथ भवन में मंगल चातुर्मास कलश स्थापना का कार्यक्रम बहुत ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।


22-July-2024

चातुर्मास के लिए मानसरोवर (जयपुर) में हुआ भव्य मंगल प्रवेश


13-July-2024

अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी (राजस्थान) में मंगल आगवानी


2-July-2024

ग्वालियर में गोपाचल पर्वत पर दर्शन


23-Jun-2024

अर्हं ध्यान योग कार्यक्रम (झांसी)


19-Jun-2024

झाँसी (उत्तर प्रदेश) में मंगल प्रवेश


8-Jun-2024


3-Jun-2024

छतरपुर (मध्य प्रदेश) में मंगल प्रवेश


31-May-2024

खजुराहो से मंगल विहार


13-May-2024

अर्हं ध्यान योग शिविर का आयोजन


8-May-2024

खजुराहो (मध्य प्रदेश) में मंगल प्रवेश


27-April-2024

श्री सिद्ध क्षेत्र कुण्डलपुर से मंगल विहार


24-April-2024

पूज्य मुनि श्री ने किए केशलोंच

पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने आज प्रात: काल कुण्डलपुर सिद्ध क्षेत्र पर, जैन साधु की कठिन तपस्या केशलोंच क्रिया को संपन्न किया।


1-April-2024

श्री सिद्ध क्षेत्र कुण्डलपुर (मध्य प्रदेश) में भव्य मंगल प्रवेश


31-Mar-2024

वात्सल्य मंगल मिलन (कुम्हारी जिला दमोह)


25-Mar-2024

श्री महामह नंदीश्वर द्वीप विधान का आयोजन (कटनी, मध्यप्रदेश)


16-Mar-2024

कटनी (मध्य प्रदेश) में मंगल प्रवेश

 पन्ना (मध्यप्रदेश) में 10 दिन प्रवास के बाद पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का विहार 10 मार्च को  कटनी की तरफ शुरू हुआ। 16 मार्च को पूज्य मुनि श्री ससंघ का कटनी ( मध्य प्रदेश) में मंगल प्रवेश हुआ।


24-Feb-2024

देवेन्द्र नगर में मंगल प्रवेश


6-Feb-2024

अजयगढ़ (पन्ना) मध्य प्रदेश में मंगल आगमन


31-Jan-2024

बाँदा (उत्तरप्रदेश) से मंगल विहार

आज पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (संसघ) का बांदा से मंगल विहार हुआ। लगभग एक माह 21 दिन (52 दिन) का पूज्य मुनि श्री का सानिध्य बांदा जैन समाज को प्राप्त हुआ। इस अवधि में योग शिविर में भाग लेने और श्री राम कथा श्रवण करने का शुभ अवसर श्रावकों को प्राप्त हुआ।


1-Jan-2024

चौबीस तीर्थंकर स्तुति विधान का आयोजन


RECAP OF YEAR 2023

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