YEAR 2026
अर्हं स्वात्म साधना शिविर (दसलक्षण पर्व)
(16 सितम्बर – 25 सितम्बर 2026)
15-AUG-2026
प्राकृत प्रशिक्षण शिविर एवं दीक्षांत समारोह
13 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में पावागढ़ में षष्ठम प्राकृत प्रशिक्षण शिविर और अष्टम दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। इस शिविर में पूज्य मुनि श्री ने दर्शन पाहुड पर प्राकृत भाषा में रचित नंदिनी टीका का स्वाध्याय कराया। शिविर के समापन समारोह और 15अगस्त के अवसर पर प्राकृत टीम ने ‘जैन सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य’ नाटिका प्रस्तुत की। इस अनूठी नाटिका ने सभी का मन मोह लिया। इसके अतिरिक्त ‘कैसी आजादी?’ और ‘प्राकृत भाषा का महत्व’ नाम से प्रस्तुत दो अन्य नाटिका भी आकर्षक रही। प्राकृत टीम अपने दीक्षांत समारोह में प्रतिवर्ष ‘प्राकृत का महत्व’ नाटिका की प्रस्तुति करती है और प्रत्येक बार इस प्रस्तुति में नया विषय ही मिलता है, जिसे देखकर मन प्रसन्नता से भर जाता है। प्राकृत टीम के परिश्रम और अनेक खूबियों के साथ आयोजित ये शिविर और समारोह बहुत ही मनमोहक और सराहनीय रहा।
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9-AUG-2026
चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह
सिद्ध क्षेत्र पावागढ़ की पुण्य धरा पर 9 अगस्त 2026 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास कलश स्थापना समारोह बहुत ही आनन्द और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। जिस पावागढ़ में जैन समाज का एक भी घर नही है, वहां हजारों की संख्या में इतना विशाल जनसमूह उपस्थित हुआ जिसको देखकर सभी आश्चर्य से भर गए। प्रथम कलश स्थापना का सौभाग्य अहमदाबाद के श्रावक श्रेष्ठी श्री राजेन्द्र कटारिया जी परिवार, द्वितीय कलश स्थापना गुरुग्राम के श्रावक श्रेष्ठी अष्ट प्रतिमाधारी श्री धर्मचन्द जी (डी सी जैन)परिवार एवं तृतीय कलश स्थापना का सौभाग्य सोनीपत से अष्ट प्रतिमाधारी डॉ अंजली दीदी परिवार को प्राप्त हुआ। दिल्ली पीतमपुरा से सीमा जैन जी ने 2 प्रतिमा के व्रत ग्रहण करके संयम कलश स्थापना के साथ, अपने जीवन को धन्य किया। इस समारोह में पूज्य मुनि श्री द्वारा रचित-अर्हं श्री आयुर्वेद सूत्रम्, ऊर्ध्व लोक, सतोहितम् आदि पुस्तकों का विमोचन भी हुआ। समारोह के अन्त में पूज्य मुनि श्री ने अपने आशीर्वचन में पावागढ़ तीर्थ क्षेत्र के विकास और भगवान ऋषभ देव द्वारा बताए के षट कर्मों पर रिसर्च, चिन्तन, मनन करने के लिए समाज को मार्गदर्शन प्रदान किया। साथ ही पूज्य मुनि श्री ने कहा जो अपनी रक्षा नही कर सकता वो तीर्थों की रक्षा कैसे करेगा। इसलिए बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं अपितु अन्य क्षेत्रों और कलाओं में भी कुशल और समर्थ बनाएं।
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10-July-2026
भव्य मुनि दीक्षा महोत्सव
पावागढ़ में हुई मुनि दीक्षाएं
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का मंदसौर से 21 जून 2026 को मंगल विहार हुआ और 8 जुलाई 2026 को पूज्य मुनि श्री का सिद्धक्षेत्र पावागढ़ (गुजरात) में मंगल प्रवेश हुआ। सिद्धक्षेत्र पावागढ़ में वह मंगल कार्य सम्पन्न हुआ जिसके बारे में श्रावकों ने सोचा भी नही था। इस पावन सिद्ध क्षेत्र पर जहां से लव कुश सहित 5 करोड़ मुनिराजों ने मोक्ष प्राप्त किया था, पूज्य मुनि श्री के कर कमलों से 10 जुलाई 2026 को चार मुनि दीक्षाएं संपन्न हुई और जैन समाज को मुनि श्री अनुनय सागर जी, मुनि श्री अनुरूप सागर जी, मुनि श्री अनुगम सागर जी और मुनि श्री अनुसंग सागर जी महाराज के रूप में चार नए मुनिराज प्राप्त हुए। इस शुभ अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पावागढ़ पहुंचे और वहां उपस्थित जनसमूह मुनि दीक्षा की मांगलिक क्रियाओं को साक्षात अपनी आंखों से देखकर हर्ष, आनन्द और उल्लास से भर गया।
21-June-2026
अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस (2026) मन्दसौर
इस बार पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में 21 जून 2026 अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अर्हं ध्यान योग का आयोजन मंदसौर के नूतन स्टेडियम में हुआ। इस योग कार्यक्रम की 3 अलग ही विशेषताएं रही..(1) यह कार्यक्रम उस नगर में संपन्न हुआ जिस नगर में 11 वर्ष पूर्व अर्हं ध्यान योग का शुभारम्भ हुआ था। (2) यह कार्यक्रम मंदसौर जिला प्रशासन, आयुष विभाग और जैन समाज के संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ। (3) इस आयोजन में एक नही बल्कि योग के दो सत्र में भाग लेने का अवसर उपस्थित जनसमूह को प्राप्त हुआ – भारत सरकार द्वारा आयोजित योग सत्र और अर्हं ध्यान योग सत्र। इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री ने पंच नमस्कार मुद्रा, Arham Clapping, कायोत्सर्ग और ध्यान का अभ्यास करवाया तो उपस्थित जनसमूह ने आत्मिक आनन्द और शान्ति का अनुभव किया और वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। इस कार्यक्रम में लगभग 5 हजार लोगों ने योग का अभ्यास किया।
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7-June-2026
भव्य मंगल प्रवेश मन्दसौर (मध्यप्रदेश)
झांतला से विहार के बाद चेची गाँव, मनासा और अतिशय तीर्थ क्षेत्र श्री बही पार्श्वनाथ के श्रावकों को कुछ दिन पूज्य मुनि श्री मुनि श्री प्रणम्य सागर महाराज (ससंघ) का मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ। 7 जून 2026 को पूज्य मुनि श्री का मध्यप्रदेश के मन्दसौर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ । 2015 में मन्दसौर को पूज्य मुनि श्री के चातुर्मास का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। 2015 में मन्दसौर की पावन धरा से ही अर्हं ध्यान योग का शुभारम्भ हुआ था । ऐसी अर्हं ध्यान योग की पावन जन्मभूमि पर 10 वर्ष पश्चात पूज्य मुनि श्री का जब मंगल प्रवेश हुआ तो श्रावकजन उत्साह और खुशी से झूम उठे।
11-May-2026
अनन्तमति श्राविका संस्कार शिविर (झांतला)
सिंगोली से 3 मई को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का मंगल विहार हुआ । धनगांव होते हुए 8 मई को झांतला (मध्यप्रदेश) में पूज्य मुनि श्री का मंगल आगमन हुआ। पूज्य मुनि श्री के मंगल सानिध्य में यहाँ अविवाहित बालिकाओं के लिए अनन्तमति श्राविका संस्कार शिविर का आयोजन हुआ। इस शिविर में पूज्य मुनि श्री के श्री मुख से मंत्र उच्चारण के साथ बालिकाओं ने संस्कार और नियम ग्रहण किए । इसके साथ ही वंदनीय आर्यिका श्री प्रशममति माता जी और उपशममति माता जी के कर कमलों से बालिकाओं के लिए संस्कार की मांगलिक क्रियाएं सम्पन्न की गई।
3-May-2026
अर्हं ध्यान योग के विशेष सत्र का आयोजन
सिंगोली (मध्यप्रदेश) में 3 मई 2026 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में अर्हं ध्यान योग के विशेष सत्र का आयोजन हुआ। यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के “49 डे योगा काउंटडाउन” के अवसर पर सम्पन्न हुआ। सिंगोली सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लगभग 1500 श्रद्धालु इस आयोजन में पहुँचे। इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने अर्हं ध्यान योग के बारे में ज्ञान प्राप्त किया, पंच नमस्कार मुद्रा करना सीखा और ध्यान योग का अभ्यास किया।
5-Apr-2026
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव, सिंगोली (जिला नीमच) मध्य प्रदेश
5 मार्च 2026 को श्री महावीर जी से मंगल विहार करने के पश्चात 29 मार्च को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ का सिंगोली मध्यप्रदेश में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। यहां पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में 2 अप्रैल से 7 अप्रैल 2026 तक पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का अयोजन बहुत ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पंचकल्याणक में आर्यिका श्री प्रशममति माता जी और आर्यिका श्री उपशममति माता जी का सानिध्य भी भक्तों को प्राप्त हुआ। मोक्ष कल्याणक के दिन मुख्य अतिथि माननीय लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी, साथ ही क्षेत्र सांसद माननीय श्री सुधीर गुप्ता जी, क्षेत्र विधायक माननीय श्री ओमप्रकाश सकलेचा जी, बेगू विधायक माननीय श्री सुरेश धाकड़ जी, भीलवाड़ा विधायक माननीय श्री अशोक कोठारी जी भी समारोह स्थल पर पहुंचे। सभी ने पूज्य मुनि श्री के दर्शन किए और मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
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5-Mar-2026
अतिशय तीर्थक्षेत्र श्री महावीर जी में वर्धमान स्तोत्र के रचयिता
बोलखेड़ा से 20 फरवरी 2026 को विहार करने के बाद 28 फरवरी को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का भव्य मंगल प्रवेश अतिशय तीर्थक्षेत्र श्री महावीर जी राजस्थान में हुआ। श्री वर्धमान स्तोत्र के रचयिता को साक्षात महावीर जी के अतिशकारी वर्धमान महावीर के समक्ष पाकर उपस्थित जनसमूह आनन्द और हर्ष से भर गया। पूज्य मुनि श्री के मंगल सानिध्य में 6 दिन तक वर्धमान स्तोत्र और नंदीश्वर लघु विधान के साथ प्रभुभक्ति के रंगों से पूरा तीर्थक्षेत्र अद्भुत ऊर्जा से भर गया और होली से पूर्व ही उपस्थित श्रद्धालु जिनभक्ति के रंगों से सरोवर हो गए।
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज तीर्थक्षेत्र महावीर जी राजस्थान में अतिशयकारी श्री 1008 वर्धमान महावीर भगवान के दर्शन करते हुए।
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20-Feb-2026
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव, बोलखेड़ा (राजस्थान)
अतिशय तीर्थक्षेत्र चौरासी मथुरा से पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का 9 फरवरी को मंगल विहार हुआ । 13 फरवरी को पूज्य मुनि श्री ससंघ का बोलखेड़ा राजस्थान में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। यहाँ पूज्य मुनि श्री के पावन सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव बहुत ही आनन्द और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। इस पंचकल्याणक की अद्भुत विशेषता यह रही विशाल जिनबिम्बों के विशाल जिनालय में ही यह पंचकल्याणक आयोजित हुए। विशाल जिनबिम्बों की साक्षी में हुए इस पंचकल्याणक में उपस्थित श्रद्धालुओं ने अपने विशुद्धि भावों में अभूतपूर्व वृद्धि का अनुभव किया। पूज्य मुनि श्री के लिए भी यह प्रथम अवसर था जब उनके द्वारा इतने विशाल जिनबिंबों में संस्कार रोपित करने और सूर्य मंत्र प्रदान करने की मांगलिक क्रिया सम्पन्न की गई।
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8-Feb-2026
छात्रावास रजत जयंती समारोह (मथुरा)
पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में श्रमण ज्ञान भारती छात्रावास मथुरा का दो दिवसीय (7-8 फरवरी) रजत जयंती महोत्सव उत्साह, उमंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह में छात्रावास की स्थापना से लेकर अभी तक के (25 वर्ष पूर्व तक के) सभी छात्र सम्मलित हुए। ऐसा लग रहा था वर्तमान और पूर्व छात्रों का जैसे कुंभ ही मथुरा चौरासी में लग गया हो। दो दिवसीय इस समारोह में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ और सभी छात्रों ने पूज्य मुनि श्री से भविष्य के लिए मार्गदर्शन और मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
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1-Feb-2026
पूज्य मुनि श्री का 29 वां दीक्षा दिवस महोत्सव
21 जनवरी को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का चंद्रलोक दिल्ली से मंगल विहार हुआ। 1 फरवरी को पूज्य मुनि श्री ससंघ का अतिशय क्षेत्र मथुरा चौरासी में भव्य मंगल प्रवेश हुआ । 1 फरवरी को पूज्य मुनि श्री का 29 वां दीक्षा दिवस सभी गुरुभक्तों और श्रद्धालुओं ने बहुत ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर प्रस्तुत नाटिका अतीत की रेखाएं ने सबका मन मोह लिया। अपने उद्बोधन में पूज्य मुनि श्री ने अपने गुरू महाराज को बार बार स्मरण किया और दीक्षा और गुरु उपकार के महत्व को समझाया।
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21-Jan-2026
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव चन्द्रलोक (दिल्ली)
बड़ागाँव से 9 जनवरी को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का मंगल विहार हुआ। दिल्ली की अनेक कॉलोनियों को मंगल सानिध्य का लाभ देते हुए, 14 जनवरी को पूज्य मुनि श्री का भव्य मंगल प्रवेश चन्द्रलोक शाहदरा में हुआ । पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में यहाँ 16 से 21 जनवरी तक अतिभव्य पंचकल्याणक महोत्सव सम्पन्न हुआ। यह पंचकल्याणक महोत्सव अनेक खूबियों को लिए हुए एक विशिष्ट और स्मरणीय पंचकल्याणक रहा। Security Management, Time Management, Crowd Management, भोजन व्यवस्था, बोलियों और टाइम का समन्वय, आदि अनेक दृष्टियों से यह पंचकल्याणक महोत्सव आदर्श और बहुत ही सराहनीय रहा।
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19-Jan-2026
भव्य ऐलक दीक्षा महोत्सव
चंद्रलोक (शाहदरा) दिल्ली के पंचकल्याणक में तप कल्याणक के दिन कुछ ऐसा सुन्दर नजारा घटित हुआ जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी । भगवान के वैराग्य और दीक्षा को देखने के साथ ही ऐलक दीक्षा देखने का शुभ अवसर भी उपस्थित जनसमूह को प्राप्त हुआ। पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज द्वारा क्षुल्लक श्री अनुनय सागर जी और 4 ब्रह्मचारी भैया जी को ऐलक दीक्षा प्रदान की गई। बाल ब्रह्मचारी- संयम भैया (गाजियाबाद), आगम भैया (मुजफ्फरनगर), शलभ भैया (रुड़की), और सजल भैया (जबलपुर) को दीक्षा के बाद नए नाम मिले – क्रमश: ऐलक श्री अनुरूप सागर जी महाराज, ऐलक श्री अनुगम सागर जी महाराज, ऐलक श्री अनुसंग सागर जी महाराज और ऐलक श्री अनुकर्ष सागर जी महाराज।
17-Jan-2026
अविवाहित बालक बालिका संस्कार विधि समारोह
चन्द्रलोक शाहदरा में 17 जनवरी 2026 को पंचकल्याणक के दूसरे दिन पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में 30 वर्ष से कम उम्र के अविवाहित बालक बालिकाओं के लिए संस्कार विधि समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें दूर दूर से बड़ी संख्या में युवा और बालक पहुँचे और सभी ने पूज्य मुनि श्री से अपने आगामी जीवन के लिए संस्कार और मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
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8-Jan-2026
24 जिनालयों का शिलान्यास (बड़ागाँव)
1 जनवरी को सामायिक के उपरान्त पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का वहलना से मंगल विहार हुआ। खतौली, सरधना, अमीनगरसराय होते हुए पूज्य मुनि श्री 6 जनवरी को अर्हं विद्या तीर्थं बड़ागाँव पहुँचे। 8 जनवरी को यहाँ पर पूज्य मुनि श्री के मंगल सानिध्य में एक साथ 24 जिनालयों का भव्य शिलान्यास सम्पन्न हुआ।
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1-Jan-2026
नव वर्ष आयोजन अतिशय तीर्थ क्षेत्र वहलना जी
मुजफ्फरनगर से विहार करके 31 दिसम्बर 2025 को पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज (ससंघ) का मंगल आगमन अतिशय तीर्थक्षेत्र वहलना जी में हुआ। यहाँ पर नव वर्ष के अवसर श्री वर्धमान स्तोत्र विधान का आयोजन किया गया। दूर दूर से आए गुरु भक्तों ने नववर्ष पर पूज्य मुनि श्री का मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया और नए वर्ष की मंगलमय शुरुआत की।

