Site icon मुनि श्री 108 प्रणम्य सागर जी

गोवैभवशतकम्

     गोवैभव शतकम् एक नए तरह का, जनकल्याणकारी,अद्भुत ग्रन्थ है। माता के रूप में सम्मान पाने वाली गाय, हमारे जीवन और स्वास्थ्य के लिए कितनी उपयोगी है, संस्कृति के इस प्राचीन रहस्य को, इस ग्रंथ के माध्यम से, नए तथ्यों के साथ, जनमानस को समझाया गया है। विविधताओं से भरपूर इस ग्रन्थ में 127 संस्कृत श्लोक हैं, उनके हिन्दी पद भी हैं, इसके साथ ही उनका हिंदी में और अंग्रेजी में अर्थ भी उपलब्ध है। इन सबके साथ, इस ग्रन्थ की विषय वस्तु को समझना, चिन्तन करना बहुत सरल बन जाता है।

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